जागरण संवाददाता, पटियाला : पावरकॉम मैनेजमेंट ने वेतन न मिलने पर बीती तीन, चार व पांच दिसंबर को पावरकॉम मुख्यालय के सामने धरना लगाने वाले मुलाजिमों की सर्विस में ब्रेक लगाने और इन दिनों का वेतन काटने का फैसला किया है। मैनेजमेंट के इस फैसले से बिजली मुलाजिमों में नाराजगी है।

बिजली मुलाजिमों की प्रमुख जत्थेबंदियों इम्पलाइज फेडरेशन एटक, इम्पलाइज फेडरेशन चहल, आइटीआइ इंप्लाइज एसोसिएशन, इंप्लाइज फेडरेशन शक्ति विहार और ट्रांसको के बिजली मुलाजिम एकता मंच पंजाब के नेताओं हरभजन सिंह पिलखनी, महासचिव गुरवेल सिंह बल्लपुरिया, सूबा प्रवक्ता मनजीत सिंह चहल, अवतार सिंह शेरगिल और महिदर सिंह लहरा ने सांझे बयान में इसे मैनेजमेंट का मुलाजिम विरोधी नीति बताया। उन्होंने कहा कि मुलाजिमों के संघर्ष के लिए मैनेजमेंट और सरकार जिम्मेवार है, जिसने पूरा महीना मुलाजिमों और अफसरों से काम करवाकर वेतन नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वेतन न मिलने पर मुलाजिमों को विरोध करने का लोकतांत्रिक अधिकार है। मैनेजमेंट को मुलाजिमों के मसले हल करन की बजाय अमन कायम रखना चाहिए। उन्होंने यह फैसला वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर ऐसा न हुआ तो मैनेजमेंट व सरकार को फिर से मुलाजिमों के रोष का सामना करना पड़ सकता है।

Posted By: Jagran

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