जेएनएन, पटियाला। राजिंदरा अस्पताल पटियाला के शवगृह में मंगलवार को दो शवों की अदला-बदली हो गई। जिस शव को संगरूर भेजा जाना था वह गौंडा पहुंच गया। इसके बाद मामले पर काफी हंगामा हो गया। गौंडा सेे शव आनन फानन में वापस मंगवाया गया। शव गौंडा से पटियाला के राजिंदरा अस्पताल लाया गया है। यहां पर दोनों पक्षों से पुलिस बात कर रही है।

दरअसल, जहर निगलने से संगरूर निवासी 30 वर्षीय फौजी सिंह की राजिंदरा अस्पताल में मौत हुई थी। बुधवार सुबह फौजी सिंह का परिवार पोस्टमार्टम करवाने के लिए शवगृह पहुंचा। जैसे ही पुलिस ने शव के चेहरे से कपड़ा हटाया, तो परिवार चौक गया। वजह थी कि शव किसी अन्य व्यक्ति का था। इस पर परिवार ने वहीं हंगामा कर डाला। डॉक्टरों पर आरोप लगाया कि शव को बदल दिया गया है और शव के अंदरूनी हिस्से निकाल लिए हैं।

इसके बाद जांच की गई, तो पता चला कि किसी अन्य व्यक्ति ने भी जहर निगला था। उसी के शव से फौजी सिंह की लाश बदली हो गई। उक्त व्यक्ति का परिवार खुदकुशी का केस होने से घबरा गया था और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्दबाजी में शव लेकर यूपी के गौंडा रवाना हो गया था। उन्होंने राम कुमार (32) निवासी उत्तर प्रदेश के जिला गौंडा के परसपुर गिर्द के जबदा लोनिया गांव का शव लेे जाना था, लेकिन गलती से उनके पास फौजी सिंह का शव चला गया। संगरूर पुलिस ने गलत शव लेकर जाने वाले एंबुलेंस ड्राइवर के साथ तालमेल कर शव को वापस मंगवाया।

हमें शक कि शव से अंग निकाले गए : रिश्तेदार

फौजी की बहन परमजीत कौर, सरबजीत सिंह साबी व फूल चंद ने बताया कि फौजी सिंह ने घरेलू कलेश के चलते मंगलवार को जहर निगला था। शव देखते ही बता दिया था कि यह फौजी नहीं है। डॉक्टरों ने गुमराह किया। शक है कि फौजी के शरीर के अंगों को निकाला गया है।

डॉक्टरों की कोई गलती नहीं : भुल्लर 

फॉरेंसिक विभाग के डॉ. डीएस भुल्लर ने कहा कि इस मामले में डॉक्टरों की कोई गलती नहीं है। डॉक्टरों ने परिवार के पहचान किए जाने के बाद प्रक्रिया पूरी करते हुए लाश का पोस्टमार्टम किया है।

एक माह में दूसरा ऐसा मामला

कुछ दिन पहले भी पटियाला निवासी एक व्यक्ति पत्नी के खुदकुशी के बाद हार्टअटैक का बहाना बनाकर लाश लेकर बिहार रवाना हो गया था, जिसे करनाल से वापस बुलाया था। बाद में उस व्यक्ति पर केस भी दर्ज किया गया था।

गौंडा में मां ने चेहरा देख कहा, यह तो सिख है, लौटाया शव

उधर, गौंडा में राम कुमार की मां ने बेटे का चेहरा देखने के लिए कपड़ा हटाया तो पता चला कि शव उनके बेटे का नहीं है। उस समय तक संस्कार की तैयारियां हो चुकी थीं, लेकिन उससे पहले ही लापरवाही पकड़ी गई। उन्होंने बताया कि राम कुमार तीन वर्ष पूर्व पत्नी व बच्चों को लेकर पटियाला के देवीगढ़ में नौकरी करने गया था। सोमवार रात उसके पेट में दर्द हुआ तो पत्नी सरला उसे लेकर राजिंदरा अस्पताल पहुंची, जहां उसकी मौत हो गई। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर पोस्टमार्टम करवाया गया।

मंगलवार शाम पांच बजे शव पीडि़त पत्नी को मिला। उसने 26 हजार देकर शव वाहन बुक करवाया और दो अन्य लोगों को साथ लेकर बुधवार सुबह 10 बजे शव सहित घर पहुंची। जब मां फूलकला ने बेटे का मुंह देखने के लिए उसके चेहरे पर पड़ा कपड़ा हटाया, तो वह रामकुमार के बजाय सिख युवक का था। इसी बीच शव वाहन चालक के पास पटियाला से फोन आया कि शव बदल गया है। उसे तत्काल लेकर चले आओ।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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