जेएनएन, पटियाला। राजिंदरा अस्पताल में गर्भवती महिला की हालत बिगड़ गई। उसे ICU में ले जाया गया, लेकिन वहां oxygen mask नहीं मिलने से महिला की मौत हो गई। हालांकि डॉक्टरों ने मरीज की जान बचाने के लिए दूसरे मरीज का oxygen mask उतारकर महिला को लगाया। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। पुलिस ने मामला शांत करवाया।

जिला बरनाला के गांव उगोके निवासी परमिंदर कौर (26) के पति जतिंदर सिंह ने बताया कि परमिंदर गर्भवती थी। सोमवार को उसकी हालत खराब हो गई। उसे सिविल अस्पताल बरनाला में भर्ती करवाया गया। डॉक्टरों ने पेट में बच्चे की मौत होने के बारे में बता ऑपरेशन के लिए राजिंदरा अस्पताल (Rajindra Hospital) रैफर कर दिया। उन्होंने बताया कि सोमवार देर रात करीब 11 बजे जब वह परमिंदर को लेकर राजिंदरा अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां कोई सीनियर डॉक्टर नहीं था।

इमरजेंसी में पांच पीजी स्टूडेंट मौजूद थे। कई बार कहने के बावजूद सारी रात कोई सीनियर डॉक्टर नहीं पहुंचा। जतिंदर के अनुसार जब परमिंदर आखिरी सांसें गिन रही थी तो स्टाफ ने सुबह होने तक इंतजार करने की बात कहकर चुप रहने के लिए कहा। ICU में परमिंदर कौर को oxygen mask भी नहीं मिला। स्टाफ ने दूसरे मरीज का मास्क उतारकर उसे लगाया। तब तक उसकी मौत हो गई। अगर समय रहते डॉक्टरी सहायता मिल जाती और ऑपरेशन हो जाता तो जान बचाई जा सकती थी।

मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने आरोप नकारे

मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राजन सिंगला का कहना है कि परिवार के आरोप बेबुनियाद हैं। गर्भवती महिला की हालत पहले ही गंभीर थी। सीनियर व जूनियर रेजिडेंट लगातार सीनियर डॉक्टर के साथ फोन पर संपर्क में थे। मरीज के फेफड़ों में खून चला गया था, जिस कारण मौत हो गई। इसमें किसी भी डॉक्टर या अस्पताल प्रशासन की लापरवाही नहीं है।

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