जागरण संवाददाता, पटियाला : राजिदरा अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में डवलपमेंट कार्यो का जायजा लेने और इक्यूपमेंट को लेकर वीरवार को सीएम के एडवाइजर डॉ. केके तलवार, टेक्निकल एडवाइजर आरएस संधू, डीके तिवाड़ी प्रिसिपल सेक्रेटरी मेडिकल एजुकेशन पहुंचे। उन्होंने जहां पीडब्ल्यूडी समेत मेडिकल कॉलेज और राजिदरा अस्पताल के सीनियर अधिकारियों के साथ मीटिग की, वहीं कार्यो में हो रही देरी की वजह भी जानी। इस दौरान जहां नर्सिग होस्टल का काम सितंबर तक मुकम्मल करके हैंडओवर करने की बात कही, वहीं अस्पताल के अन्य काम भी 2020-21 में पूरा करने के आदेश दिए गए। अधिकारियों अनुसार इंस्टीटयूट बिल्डिग की फर्नीशिग बाकी है और जल्द इसे करवाकर हैंडओवर कर दिया जाएगा। इसके अलावा सीवरेज समस्या संबंधी समस्या एक हफ्ते में दूर करवा दी जाएगी और नए टेंडर 31 जनवरी तक हो जाएंगे।

प्रिसिपल सेक्रेटरी मेडिकल एजुकेशन डीके तिवाड़ी ने बताया कि वीरवार को तीन विभिन्न मामलों में मीटिगें हुई। पहली मीटिग फैकल्टी के साथ हुई जिसमें इक्यूपमेंट्स, स्टाफ की जरूरत और समस्याओं समेत रोजाना की जरूरतें पर विस्तार से चर्चा हुई। वहीं दूसरी मीटिग दौरान सिविल कंस्ट्रक्शन, वॉटर सप्लाई, सीवरेज, इलेक्ट्रिक फिटिग से संबंधित मुद्दों पर टेक्नीकल एडवाइजर केके तलवार ने अधिकारियों से कामों का स्टेटस जाना और काम की चाल धीरे होने के बारे में भी जबाव मांगा। कुछ जगह बिल क्लियरेंस के कारण काम की चाल धीरे होने की बात सामने आई। जिस संबंधी डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन को समस्या दूर करने के निर्देश भी दिए और शनिवार को वह मेडिकल कॉलेज पहुंचकर इनका हल करेंगे। सुपर स्पेश्लिटी ब्लॉक में ज्वाइन ना करने वाले डॉक्टरों की रद्द होगी ज्वाइनिग

सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में डॉक्टरों के ज्वाइन ना करने के कारण इसके शुरू ना होने संबंधी प्रिसिपल सेक्रेटरी ने कहा कि जिन डॉक्टरों ने अभी तक ज्वाइन नहीं किया चार महीने बाद उनकी ज्वाइनिग रद कर दी जाएगी। जिसके बाद वेटिग लिस्ट में अगले कैंडिडेट को ज्वाइन करवाया जाएगा। प्राइवेट प्रेक्टिस करने वाले सरकारी डॉक्टरों खिलाफ होगी कार्रवाई

डीके तिवाड़ी प्रिसिपल सेक्रेटरी मेडिकल एजुकेशन ने प्राइवेट प्रेक्टिस करने वाले सरकारी डॉक्टरों खिलाफ एक्शन लेने की बात भी कही। इस संबंधी डॉक्टर एसोसिशन से भी मीटिग दौरान सहयोग मांगा है। इसके अलावा अगर कोई सुबूत के साथ विभाग को डॉक्टर के खिलाफ शिकायत करता है तो उस डॉक्टर के खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाएगा। डॉ. डीएस भुल्लर ने बताया कि प्रिसिपल सेक्रेटरी ने पोमोशन, रिटायरमेंट उम्र 62 से 65 करने और कॉलेज टाइम को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक बढ़ाने की बजाए ढाई बजे तक रहने की सहमति जताई। विजिट करने की बजाए बंद कमरे तक सीमित रहा जायजा

खास बात यह रही कि अधिकारियों की विजिट केवल बंद कमरे तक ही सीमित रही। अन्य विभागों के अधिकारियों और फैकल्टी से मीटिग कर वापस लौट गए। कामों का जायजा लेने के लिए विजिट करना भी जरूरी नहीं समझा। जबकि अधिकारियों को मदर चाइल्ड केयर सेंटर, पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन द्वारा तैयार की बिल्डिग, मल्टी लेवल पार्किंग और बर्न युनिट को भी विजिट करना था लेकिन अधिकारी बंद कमरे में ही मीटिग कर वापस लौट गए।

Posted By: Jagran

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