जागरण संवाददाता, बठिंडा/पटियाला : बठिडा से पटियाला अपने मंगेतर के पास शादी की शापिग करने गई 28 साल की रुपिदर कौर की लाश को पुलिस ने उसी के मंगेतर के घर से बरामद की। 40 वर्षीय मंगेतर नवनिंदरप्रीत सिंह ने हत्या करने के बाद लाश को अपने घर के ड्राइंग रूम में फर्श खोदकर दबा दिया था। यही नहीं लाश दबाने के बाद आरोपित ने फर्श के ऊपर टाइलें भी लगा दी थी। फिर उस पर सिंगल बेड लगा दिया था ताकि किसी को शक न हो।

पुलिस प्रशासन ने फर्श तोड़कर करीब छह फुट गहरे गड्ढे से लाश को बरामद किया। शव को राजिदरा अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है, शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। बताया जा रहा है कि रुपिदर कौर की मौत दम घुटने से हुई है। एसएसपी हरचरन सिंह भुल्लर ने कहा कि आरोपित युवक नवनिदरप्रीत सिंह को गिरफ्तार करते हुए एफआइआर में कत्ल की धाराएं लगा दी हैैं। कत्ल की वजह जानने के लिए पूछताछ की जा रही है, जिसके बारे में शुक्रवार प्रेस कांफ्रेंस में इसका खुलासा किया जाएगा।

रुपिदर के पिता सुखचैन सिंह निवासी विश्वास कालोनी, बहमन रोड, बठिडा के अनुसार उनकी बेटी आरोपित नवनिदरप्रीत सिंह निवासी अर्बन एस्टेट फेज एक नजदीक रेडियो स्टेशन की जान-पहचान थी। दोनों ने गंगानगर से ला की पढ़ाई की थी, जिसके बाद लौट आए। बेटी ने बताया कि वह नवनिदर के साथ शादी करना चाहती है, पहले तो एतराज था लेकिन बाद में हामी भरते हुए रोका कर लिया था। शादी बीस अक्टूबर की फिक्स हुई। डेट फिक्स होते ही आरोपित युवक टालमटोल करने लगा था और 11 अक्टूबर को आरोपित ने उनकी बेटी को शादी की शापिग के बहाने पटियाला बुलाया। 13 अक्टूबर की रात को रुपिदर कौर की उसके पिता से अंतिम बार बार हुई थी लेकिन 14 अक्टूबर को फोन बंद आने लगा। शाम को नवनिदरप्रीत ने रुपिंदर के भाई को फोन करके कहा कि उसकी बहन झगड़ा करके कहीं चली गई है और फोन भी उसके पास छोड़ दिया है। 15 अक्टूबर को परिवार के सदस्य बठिडा से पटियाला आकर रुपिंदर की तलाश करने लगे तो दो दिन तक आरोपित साथ में रहा। इस दौरान पुलिस कंप्लेंट न करने की बात कही लेकिन सुखचैन सिंह को पता चला कि आरोपित की पहले ही लखविदर कौर नामक महिला से शादी हो चुकी है। जिसके बाद उन्होंने पुलिस के पास मामला दर्ज करवा दिया। पिता नहीं गए घटनास्थल पर

उधर, बेटी के कत्ल का पता चलते ही सुखचैन सिंह को गहरा सदमा लगा। परिवार का रो रोकर बुरा हाल था। जिस बेटी की शादी की घर में तैयारी की हुई थी, अब उस घर से अर्थी निकलेगी। इस गहरे दुख से गुजर रहे सुखचैन सिंह घटनास्थल तक नहीं जा पाए और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने कार्रवाई की।

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