गौरव सूद, पटियाला

सेहत मंत्री के शहर के सरकारी रा¨जदरा अस्पताल में पंजाब सरकार की तरफ से कैंसर मरीजों को महंगे इलाज से राहत देने के मकसद से मुख्यमंत्री राहत कोष स्कीम चलाई तो गई लेकिन कैंसर के मरीजों को इस स्कीम के तहत अस्पताल से मुफ्त मिलने वाली दवाओं नहीं मिल रही हैं। इन दवाओं की पिछले 15 दिनों से कमी है जिस कारण कैंसर पीड़ित मरीज महंगे भाव में ओपन मार्केट से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर हैं। बता दें कि पंजाब सरकार की तरफ से कैंसर मरीजों के लिए कैंसर विभाग में मुख्यमंत्री राहत कोष योजना शुरू की गई है। जहां मरीज को डेढ़ लाख रुपए के करीब मुफ्त दवाएं और डाक्टरी सहायता दी जाती है, लेकिन पिछले दो हफ्तों से रा¨जदरा अस्पताल में कीमोथैरेपी में इस्तेमाल होने वाली दवाओं का स्टॉक खत्म हो चुका है।

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यह कहना है मरीजों के परिजनों का

इस संबंधी जानकारी देते हुए राकेश शर्मा निवासी भुनरहेड़ी ने बताया कि उनकी भाभी को ब्रेस्ट कैंसर है। जिसकी पिछले दो महीने से कीमोथैरेपी हो रही है। इस बार जब डाक्टरों की तरफ से कीमोथैरेपी की गई तो पहले अस्पताल में से मुफ्त मिलने वाला इंजेक्शन एपीरूबीसिन प्राइवेट मेडिकल शॉप से महंगे मूल्य में लाना पड़ा।

इसी तरह जानकारी देते काकू कुमार निवासी गुरू नानक नगर ने बताया कि उनकी माता को गले का कैंसर है। जिनका इलाज अस्पताल में लंबे समय से चलता आ रहा है। जब भी वो कैंसर सेल में से दवा लेने के लिए जाते हैं तो कुछ दवाएं तो उन को मिल जातीं हैं। लेकिन बाकी दवाएं उनको प्राइवेट मेडिकल शॉप से ही खरीदनी पड़ती हैं।

इन दवाओं का स्टॉक खत्म

दवाई मूल्य

एपीरूबीसिन इंजेक्शन 1712 रुपए

पैराफिल ग्रास्टिन 6000 रुपए

सिसपलैटिन 340 रुपए

डोकसो रूबीन 960 रुपए

पेक्लिटेक्सल 8000 रुपए

टैमोजोलामाइलड 12000 रुपए

फिल ग्रास्टीन 1250 रुपए कोट्स

विभाग के पास भेजी डिमांड: कैंसर सेल इंजार्ज

इस संबंधी जानकारी देते हुए कैंसर सेल इंचार्ज डा. हरजोत कौर बग्गा ने बताया कि कुछ समय पहले ही दवाओं की सप्लाई संबंधी विभाग की तरफ से डिमांड भेजी गई है। उम्मीद है जल्दी ही दवाओं की सप्लाई शुरू की जाएगी। जल्दी मुहैया करवाई जाएंगी दवाएं: एमएस

इस संबंधी एमएस डा. राजन ¨सगला ने बताया कि दवाओं की कमी संबंधी सेहत विभाग को डिमांड भेज दी गई है। दवाओं संबंधी अलग-अलग कंपनियों के साथ कांट्रेक्ट होने के कारण दवाओं की सप्लाई में देरी हो जाती है। इसलिए दोबारा दवाओं संबंधी उनकी तरफ से रिव्यू किया जायेगा। ताकि मरीजों को किसी किस्म की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

Posted By: Jagran