जागरण संवाददाता, पटियाला

मिनी सचिवालय के ई ब्लॉक में स्थित तहसील दफ्तर आज-कल सब गोलमाल चल रहा है। दफ्तरी कर्मचारी जानबूझकर पब्लिक को परेशान करने पर लगे हुए हैं। हालांकि कर्मचारियों की इसी मनमर्जी को बंद करने के लिए टोकन सिस्टम को लागू किया गया था। अब आज तक यह सिस्टम लागू नहीं हो पाया। हालांकि रजिस्ट्रेशन करवाने का सिस्टम ऑनलाइन हो चुका है, के बावजूद लोग परेशान हैं। हालांकि पब्लिक की परेशानी को प्रशासनिक अधिकारी भी भली भांत जानते है। मगर इस परेशानी को हल करने के लिए अधिकारियों द्वारा कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। तहसील दफ्तर का हाल यह है कि जिस व्यक्ति की वसीका नवीसों से सेटिग उसी का काम सबसे पहले होता है। हालांकि तहसील अधिकारी सेटिग के मामले पर कुछ बोलने को तैयार नहीं। पर अधिकारियों का कहना है कि किसी को कोई परेशानी न हो, के लिए सबका ध्यान रखा जाता है।

दफ्तर में इस तरह होती है प्रापर्टी की रजिस्ट्रेशन

बता दें कि प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए सबसे पहले ऑनलाइन अपाइंटमेंट लेनी पड़ती है। जिसमें संबंधित व्यक्ति को प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए तय समय दिया जाता है। मगर दफ्तर में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए दिए गए तय समय का कोई मतलब नहीं है। कर्मचारियों की वसीका नवीसों से सेटिग होती है, जिसकी जितनी सेटिग उसी के हिसाब से रजिस्ट्रेशन करवाने वाले व्यक्ति को कर्मचारी द्वारा आवाज लगाई जाती है। जिसके बाद प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रेशन का काम होता है। हालांकि बाद में रजिस्ट्री के दस्तावेज संबंधित व्यक्ति को वसीका नवीस से ही मिलते हैं। दफ्तरी कर्मचारियों के सिस्टम को अगर गौर से देखा जाए तो सब गोलमाल है।

कोट्स

ये मामला मेरे ध्यान में नहीं है। क्योंकि दो-तीन दिन से ही यहां तहसील दफ्तर में काम करने लगा हूं। पब्लिक को प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रेशन करवाने में कोई परेशानी न हो, के मकसद से जल्द काम को निपटाया जाता है। अगर इस तरह की कोई मामला है तो खुद चेक करूंगा।

-गुरशरनजीत सिंह, डीआरओ

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