जागरण संवाददाता,पटियाला : पंजाबी यूनिवर्सिटी के सफाई सेवक व सेवादार मुलाजिमों ने अपनी मांगों को लेकर फिर से वीसी दफ्तर के आगे धरना शुरू कर दिया। हालांकि करीब दो महीने पहले इन्हीं मुलाजिमों ने वीसी दफ्तर के आगे धरना दिया था। पर यूनिवर्सिटी अधिकारियों के भरोसे पर मुलाजिमों ने अपना धरना खत्म कर दिया था। पर लंबा समय गुजर जाने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन का मुलाजिमों के प्रति अनदेखी के खिलाफ फिर से मुलाजिमों ने अपना संघर्ष शुरू कर दिया। धरने पर बैठे मुलाजिमों का कहना है कि अगर यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने तुरंत उनकी मांगों का हल नहीं किया, तो संघर्ष को ओर बड़ा रूप दिया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी अधिकारियों की होगी। डेलीवेज पर करने की मांग

जानकारी अनुसार सफाई सेवक व सेवादार के पद पर काम करने वाले मुलाजिम पिछले लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि उन्हें कांट्रैक्ट से डेलीवेज पर किया जाए। इसी मांग को लेकर मुलाजिमों ने करीब दो महीने पहले वीसी दफ्तर के आगे धरना दिया था। जिसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मुलाजिमों को ¨सडीकेट की मी¨टग बुलाकर जल्द फैसला करने का भरोसा दिया था। यूनिवर्सिटी के इस भरोसे के बाद धरने पर बैठे मुलाजिमों ने अपना संघर्ष खत्म किया। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा ¨सडीकेट करवाने 27 अगस्त तारीख रखी गई थी। किसी कारण इस तारीख को भी आगे बदल दिया गया। जिससे मुलाजिमों में रोष है। यही वजह है कि सेवादार व सफाई सेवकों ने फिर से अपना संघर्ष शुरू कर दिया।

¨सडीकेट के फैसले को लागू करने की मांग

धरने पर बैठे सफाई सेवक व सेवादार में अजय अरोड़ा, इकबाल मीत, विक्रमजीत ¨सह, ज¨तदर ¨सह धालीवाल, राजेश, संदीप ¨सह ने कहा कि यूनिवर्सिटी 10 दिसंबर, 2012 में हुई ¨सडीकेट के फैसले को लागू करना चाहिए। पर यूनिवर्सिटी इस फैसले को लागू करने से कतरा रही है। यहां विभिन्न मुलाजिमों को काम करते हुए पांच साल से ज्यादा का समय हो चुका है। यूनिवर्सिटी प्रशासन इन्हें डेलीवेज करने को तैयार नहीं है। धरने में डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स जत्थेबंदी के सदस्य भी शामिल रहे। मुलाजिमों ने कहा कि अगर तुरंत उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो संघर्ष को ओर बड़ा रूप दिया जाएगा।

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