जागरण संवाददाता, पटियाला : थाना सिटी समाना में नशा तस्करी के केस के झूठे होने के दावे व सबूतों के आधार पर पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर एसएचओ व एएसआइ बेशक सस्पेंड हो चुके हैं, लेकिन अभी एफआइआर की जांच बाकी है। थाना सिटी समाना के इंचार्ज साहिब सिंह और एएसआइ जय प्रकाश को सही एफआइआर न लिखने पर अदालत के निर्देश पर सस्पेंड किया है, लेकिन एफआइआर सही या झूठी इसकी जांच सीनियर पुलिस अधिकारी अभी कर रहे हैं। वहीं इन दोनों अधिकारियों की विभागीय पड़ताल भी शुरू करवा दी गई है। डीएसपी समाना जसवंत सिंह मांगट ने कहा कि दोनों पुलिस अधिकारी सस्पेंड कर दिए हैं, लेकिन एफआइआर खारिज नहीं की है। एफआईआर में समय का अंतर है, पर इसके सही या गलत होने की जांच की जाएगी। अदालत में कार्यवाही किए जाने संबंधी जवाब फाइल करना था, जिस वजह से एक्शन लिया गया है।

ये है मामला : थाना सिटी समाना पुलिस ने 12 अगस्त को गोपाल भवन नजदीक एक मीट शॉप पर छापेमारी कर सुखविदर सिंह सुक्खा को 1020 नशीली गोलियों समेत पकड़ने का दावा कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में सुखविदर सिंह के भतीजे गगनदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने जानबूझकर नशीली गोलियों के मामले में उन्हें फंसाया है, जबकि मौके से ऐसा कुछ भी बरामद नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने साढ़े आठ बजे छापेमारी करने की बात कही थी, जबकि उनकी दुकान आठ बजकर दो मिनट पर बंद हो गई थी। इसकी सीसीटीवी रिकॉर्डिग भी उनके पास है।

सीसीटीवी फुटेज में 12 अगस्त को पहले छह बजकर 15 मिनट पर पुलिस की रेड होती है, उसके बाद छह बजकर 30 मिनट पर, लेकिन कोई रिकवरी नहीं होती है। पुलिस ने दर्ज एफआइआर में साढ़े आठ बजे रेड करके 1020 नशीली गोलियां बरामद होने का दावा किया है, जो सीसीटीवी फुटेज ने गलत साबित किया। इस आधार पर 29 नवंबर को हाई कोर्ट ने एसएसपी पटियाला से इस संबंधी रिपोर्ट छह दिसंबर तक मांगी, तो एसएचओ व एएसआइ को सस्पेंड कर दिया गया।

Posted By: Jagran

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