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पटियाला ने रचा इतिहास, तैयार हुआ देश का पहला AI-पावर्ड रेल इंजन; स्पार्किंग से लेकर खतरे की देगा एडवांस चेतावनी

Published: Wed, 16 Sep 2026 10:10 PM (IST)

पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स (पीएलडब्ल्यू) ने देश का पहला एआई पावर्ड रेल इंजन (लोकोमोटिव 39642) तैयार किया है, जो ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) और ट्रैक की स्थिति की निगरानी करेगा।

देश का पहला एआई से लैस रेल इंजन तैयार, खतरे से पहले देगा चेतावनी।

देश का पहला एआई से लैस रेल इंजन तैयार, खतरे से पहले देगा चेतावनी।

HighLights

  1. पीएलडब्ल्यू ने देश का पहला एआई पावर्ड रेल इंजन बनाया।

  2. ओएचई और ट्रैक की स्थिति की लाइव निगरानी करेगा।

  3. संभावित खराबी की पहचान कर रखरखाव में मदद करेगा।

दीपक मौदगिल, पटियाला। भारतीय रेलवे में अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दौड़ते हुए इंजन के साथ रेल सुरक्षा की निगरानी करेगी। पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स (पीएलडब्ल्यू) ने देश का पहला एआई पावर्ड रेल इंजन तैयार किया है।

लोकोमोटिव नंबर 39642 में लगाए गए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) मानिटरिंग सिस्टम की मदद से सफर के दौरान बिजली की ओवरहेड लाइन और ट्रैक की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। खास बात यह है कि सिस्टम केवल खराबी सामने आने के बाद जानकारी नहीं देगा, बल्कि उसके संकेतों को पहले ही पहचान कर मेंटेनेंस टीम को अलर्ट करने में सक्षम है।

पीएलडब्ल्यू के प्रधान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एसके श्रीवास्तव के अनुसार, इस इंजन को तैयार करने में एक वर्ष का समय लगा है और रेलवे की ओर से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ऐसे चार इंजन तैयार करने को कहा गया है। यह इंजन सेंसर, लाइव निगरानी, डाटा विश्लेषण और पूर्वानुमानित रखरखाव को एक साथ जोड़कर तैयार किया गया है।

इसका उद्देश्य रेल परिचालन में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करना है। ऐतिहासिक एआई पावर्ड लोकोमोटिव को पीएलडब्ल्यू की वरिष्ठ महिला कर्मचारी और तकनीशियन नीलम देवी ने एसके श्रीवास्तव की मौजूदगी में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

रेलकर्मियों को समय से मिलेगी समस्या की जानकारी

यह शक्तिशाली पैसेंजर इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव डब्ल्यूपी-7 श्रेणी में तैयार किया गया है। इसमें लगे आधुनिक सेंसर और एआई आधारित तकनीक चलती ट्रेन के साथ ओएचई से जुड़े संभावित खतरों की पहचान करेगी। बिजली के तार में स्पार्किंग, तार के ढीला होने, किसी पार्ट के खराब होने जैसी स्थिति को सिस्टम पकड़ सकेगा।

इससे रेलकर्मियों को समस्या की जानकारी मिलने और मौके पर पहुंचकर सुधार करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। एआई आधारित निगरानी का दायरा केवल बिजली के तारों तक सीमित नहीं है।

ओएचई के खंभों पर बने पक्षियों के घोंसले और ट्रैक के आसपास बढ़े पेड़-पौधों के झुरमुट जैसी चीजों को भी सिस्टम चिह्नित कर सकता है। एआई सिस्टम संभावित समस्या की पहले पहचान कर पूर्वानुमानित रखरखाव में भी मदद करेगा।

एआई पावर्ड इंजन से ये होंगे लाभ

  • पटरियों और बिजली की ओवरहेड लाइनों की लाइव निगरानी से खराबी का तुरंत पता चलेगा।
  • यह सिस्टम सटीक डाटा तैयार करेगा, जिससे मेंटेनेंस टीम को खराबी की सही लोकेशन मिलेगी।
  • खराबी की जल्दी पहचान और मरम्मत होने से ओएचई ब्रेकडाउन के कारण होने वाली ट्रेनों की देरी नहीं होगी।
  • ट्रेनों के रुकने या ट्रिपिंग की समस्याओं में कमी आने से रेल परिचालन सुचारू होगा।