पटियाला, जागरण संवाददाता: सरकारी अस्पतालों में पिछले लंबे समय से दवाओं की कमी की समस्या चली आ रही है। मरीजों को बाहर से महंगे दाम पर दवाओं की खरीदारी करनी पड़ रही है। इसके विपरीत इन बुनियादी सुविधाओं को पूरा करने के बजाय राज्य सरकार जिले के प्राइमरी हेल्थ सेंटरों को आम आदमी क्लीनिक में बदलने जा रही है। इस संबंधी सरकार द्वारा डीसी सहित सेहत विभाग को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

सेहत विभाग द्वारा हेल्थ सेंटरों को क्लीनिक में बदलने का काम भी शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार जिले में 40 के करीब प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) हैं। इन सभी सेंटरों को आम आदमी क्लीनिक में बदला जाएगा।

उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने करीब चार महीने पहले जिले में आम आदमी क्नीनिक शुरू किए हैं। यहां पटियाला शहरी में स्थित भाषा विभाग में आम आदमी क्लीनिक खोला गया। इसके अलावा पटियाला देहाती स्थित गांव झिल के अलावा नाभा दुलद्दी गेट के पास क्लीनिक खोला गया।

ज्ञात हो कि पीएचसी में मरीजों को सरकार की ओर से मुफ्त में दवाइयां दी जाती हैं। लेकिन जिले के अधिकतर पीएचसी में दवाइयों का स्टाक नहीं होने से मरीजों को बाहर से पैसे खर्च करके दवाइयां लेनी पड़ रही हैं। इन दवाइयों का मूल्य सौ से दो सौ रुपये तक प्रति स्ट्रिप (पत्ता) होता है।

पीएचसी में जो दवाइयां मिलती हैं उनमें पैंटोप्राजोल 40 एमजी, टेलमीसर्टान 40 एमजी, टेबलेट कैलशियम, आयर्न, टेबलेट डी3, टेबलेट ग्लीमिप्राइड 2 एमजी, मेटफारमाइन 500 एसआर, सेफिक्स 200, एमोक्लैव 625 के अलावा दवाएं शामिल हैं।

लोगों की सरकार से मांग है कि पीएचसी को आम आदमी क्लीनिकों में बदलने के बजाय पीएचसी में दवाइयों का स्टाक ही उपलब्ध करवा दें तो मरीजों को इससे काफी लाभ होगा। नहीं तो सिर्फ नाम बदलने से कुछ नहीं होने वाला।

इनका कहना है

प्राइमरी हेल्थ सेंटरों को आम आदमी क्लीनिकों में बदलने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस पर काम भी शुरू कर दिया गया है। जिले में करीब 40 प्राइमरी हेल्थ सेंटर हैं, जिन्हें आम आदमी क्लीनिकों में बदला जाएगा। -डा. एसजे सिंह, प्रोजेक्ट अधिकारी, जिला परिवार भलाई

Edited By: MOHAMMAD AQIB KHAN

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