जागरण संवाददाता: पटियाला

स्टेट कॉलेज में पीटीए फंड में हुई घपलेबाजी के मामले का विरोध कर रहे बल¨वदर ने तबादले के बाद अपना चार्ज देने के दौरान वीडियोग्राफी करवाने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर उन्होंने डायरेक्टर पद के अधिकारी की निगरानी में उनसे चार्ज लेने की मांग की है। इस मांग को लेकर बल¨वदर ने डीपीआई व सरकारी कॉलेज न्याल पातड़ां की ¨प्रसिपल को एक पत्र लिखा है। जानकारी अनुसार पिछले लंबे समय से यह मामला कॉलेज में चर्चा का विषय बनता आ रहा है। ---¨प्रसिपल ने रूम को सील लगा किया बंद

बता दें कि असिस्टेंट प्रोफेसर बल¨वदर ¨सह के हुए तबादले के बाद उन्होंने अपना चार्ज देने के लिए कॉलेज में गया था। पर कॉलेज में पहुंचने पर उन्होंने देखा कि कॉलेज में स्थित उनके कमरे को ¨प्रसिपल द्वारा पक्के तौर पर बंद कर दिया गया। यही नहीं कमरे पर एक नोटिस लगा रखा है। जिस पर लिखा गया है कि इस कमरे को दफ्तरी निर्देशों के बिना खोलने की इज्जात नहीं है। ¨प्रसिपल की इस कार्रवाई को लेकर कॉलेज स्टाफ में भी रोष पाया जा रहा है। प्रोफेसर ने डीपीआई से मांग की है कि उससे चार्ज लेने के दौरान वीडिओग्राफी का प्रबंध किया जाना चाहिए। ---मामले पर टीचिर्स एसोसिएशन भी चुप

बता दें कि स्टेट कॉलेज में पीटीए फंडों में घपलेबाजी के मामला का विरोध करने वाले प्रोफेसरों के तबादले को लेकर गवर्नमेंट कॉलेज टीचिर्स एसोसिएशन भी चुप बैठी है। हालांकि एसोसिएशन मेंबरों द्वारा इस मामले को उठाना चाहिए। पर पता नहीं क्यों इस मामले पर सभी मेंबर कुंभकरनी नींद में सोए पड़े हैं। उधर प्रोफेसरों में भी इस बाद का रोष है कि एसोसिएशन इस मामले पर आगे नहीं आई। दोनों प्रोफेसरों द्वारा घपले के मामले को उठाने के बदले में उन्हें ट्रांसफर ही मिली। जिसमें सतीश कुमार की संगरूर और बल¨वदर ¨सह की पातड़ा ट्रांसफर की गई।

Posted By: Jagran