सुरेश कामरा, पटियाला :

शाही शहर के बीचो बीच स्थित एतिहासिक बारादरी बाग में सैर करने वाले लोगों के ऊपर उड़ने वाले चमगादड़ किसी खतरे से खाली नहीं हैं। कारण यह कि इसमें निपाह वायरस पाया जा रहा है, जो मानवीय शरीर के लिए खतरनाक है। शनिवार को पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से आई टीम ने चमगादड़ों को पकड़कर उनकी थूक व मल (बीट) का सैंपल लिया है। उक्त सैंपलों को अब पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में टेस्ट किया जाएगा। अगर टेस्ट में कोई वायरस मिला तो उसके बाद हेल्थ डिपार्टमेंट आगे की कार्रवाई करेगा ।

सैर करने वाले हैरान

पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से आई तीन सदस्यों की टीम ने शनिवार को बारादरी बाग में पेड़ों पर लटकने वाले चमगादड़ों के लिए जाल बिछाया। कुछ चमगादड़ों को पकड़ा । इस कार्रवाई के दौरान वहां पर सैर करने वाले लोगों की उत्सुक दिखे और लोगों ने टीम सदस्यों से कई सवाल किए। उन्होंने पूछा कि वे चमगादड़ों को क्यों पकड़ रहे हैं, क्योंकि टीम के सदस्य बम स्कवॉड जैसी ड्रेस में आए थे।

मिली जानकारी के मुताबिक पिछले साल केरला में चमगादड़ों के जरिए निपाह नामक वायरस फैला था, जिससे काफी लोग बीमार हो गए थे। ऐसे में भारत सरकार के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने संज्ञान लिया और देश भर में रहने वाले चमगादड़ों का सर्वे करके उनकी सैंपलिग करने को कहा है। पुणे से आई टीम ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पंजाब में सर्वे शुरू किया है, जिसके दौरान शनिवार को पंजाब में केवल पटियाला शहर के बारादरी बाग में रहने वाले चमगादड़ों की सैंपलिग की है । टीम सदस्यों का कहना है कि फिलहाल चंडीगढ़ के नजदीक पटियाला शहर होने के कारण यहां के बारादरी बाग को सैंपलिग के लिए चुना गया है । टीम सदस्यों ने कहा कि वैसे तो पंजाब में कई ऐसे स्थान हैं जहां पर चमगादड़ रहते हैं लेकिन यहां पर चमगादड़ों की काफी संख्या होना भी सैंपलिग का एक कारण है।

पुणे से टीम आई थी: डिप्टी डायरेक्टर

बागबानी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर स्वर्ण सिंह ने बताया कि शनिवार को बारादरी बाग में टीम आई थी और उसने पेड़ों पर रहने व उड़ने वाले चमगादड़ों को जाल के जरिए पकड़ा और उनकी सैंपलिग की है । सैंपलिग की जांच एनआईवी लैब में होगी । इसका कारण केरला में पिछले साल चमगादड़ों के जरिए फैले निपाह वायरस के बाद केंद्र सरकार सख्त हुई है । उक्त वायरस मानव शरीर सहित जानवरों पर बुरा प्रभाव डालता है । निपाह वायरस की निशानियां

जिला के सेहत अधिकारी एपिडिमॉलोजिस्ट डॉ. गुरमीत सिंह बताते है कि निपाह वायरस भी स्वाइन फ्लू जैसा वायरस है जो चमगादड़ों में आम पाया जाता है । चमगादड़ जिस फल या फरूट को खाते हैं उसके जरिए वो लोगों में आता है और वो आगे फैलता है । इस वायरस से बुखार व सिरदर्द, मासपेशियों में खिचाव, उल्टियां, निमोनिया होना, जी कच्चा होना, गला पकने जैसी निशानियां निपाह वायरस के शरीर में शामिल होने की हैं । अगर उक्त निशानियां दिखाई देती हैं तो इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत इलाज करवाएं ।

Posted By: Jagran

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