जेएनएन, पटियाला। नाभा जेल तोडऩे की घटना पर विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी हैं। कांग्र्रेस के प्रदेश प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह व आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी संजय सिंह ने इसे सरकार की विफलता करार दिया।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि बगैर सरकारी रजामंदी के इस तरह की घटना नहीं हो सकती है। चुनाव से ठीक पहले नाभा जेल कांड ने राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति का भंडाफोड़ कर दिया है। घटना पर हैरानी जताते हुए कैप्टन ने कहा कि पुलिस का वेश धारण किए हुए गैंगस्टर निडरतापूर्वक जेल में गए और बिना रोके मिंटू को अन्यों के साथ छुड़ाकर फरार हो गए, जो सभी खूंखार गैंगस्टर है। यह स्पष्टतौर पर उगास्तरीय अथॉरिटीज की मिलीभगत से पूर्व नियोजित साजिश थी।

कैप्टन ने कहा कि 10 आतंकवादी केसों में आरोपी खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स (केएलएफ) के प्रमुख हरमिंदर सिंह मिंटू को छुड़ाना साफ इशारा करता है कि यह सीमा पार की ओर से पंजाब में दोबारा आतंकवाद पैदा करने के लिए किया गया प्रयास है।

उन्होंने बादल सरकार पर राष्ट्र के दुश्मनों के हाथों में खेलने और आतंकियों को इतनी आसानी से अति सुरक्षा वाली जेल से भागनेे का रास्ता देते हुए हालातों को बिगड़ने देने का आरोप लगाया है। कैप्टन ने आरोप दोहराया कि बादल शासन में पूरी तरह से राजनीतिकरण हो चुका है।

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पटियाला पहुंचे आप नेता संजय सिंह भी सरकार पर जमकर बरसे। कहा सुखबीर बादल का बयान भ्रम पैदा करने वाला है की जेल ब्रेक में पाकिस्तान से तार जुड़े हैं। अगर ऐसा है तो फिर वो प्रमाण दें। आखिर सीमा से 300 किलोमीटर दूर कैसे नाभा जेल में आकर हमला किया। आप की एक टीम सोमवार को राज्यपाल से मिलकर मामले की ज्यूडिशियल जांच की मांग करेगी।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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