पटियाला, प्रेम वर्मा: लोगों की सुविधा के लिए वेबसाइट से लेकर थानों व पुलिस विभाग की इमरतों पर लिखे सरकारी नंबर अब धीरे-धीरे बंद होने लगे हैं। इन मोबाइल नंबर के बिल न भरने व इनकी तकनीकी खामियां न दूर कर पाने की वजह से नंबर बंद हो रहे हैं, जिसमें थानों के इंचार्ज से लेकर एसपी रैंक तक के अधिकारी का नंबर शामिल है।

आम जनता के पास फीड इन सरकारी नंबरों पर काल करने पर यह फोन नंबर बंद आते हैं, जिस वजह से अधिकारियों को अपने पर्सनल नंबर देने पड़ रहे हैं। ऐसे में आम जनता ही नहीं बल्कि अधिकारी भी परेशानी का सामना कर रहे हैं। वहीं मोबाइल फोन के बिल की बात करें यह बिल 100 रुपये से लेकर 1800 रुपये के बीच है, जिसे विभाग ने भरा नहीं है।

नए एसएसपी ने चार्ज संभालने के बाद विभाग की इन छोटी-मोटी कमियों को दूर करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। एसएसपी ने कहा कि जल्द ही यह सरकारी नंबर चालू हालात में मिलेंगे क्योंकि आम जनता की सेवा पुलिस का फर्ज है।

थाना अनाज मंडी के पूर्व इंचार्ज इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह ढिल्लों के कार्यकाल के दौरान सरकारी नंबर बंद पड़ गया था, इस नंबर का बिल करीब ढाई सौ रुपये पेंडिंग है। इंचार्ज ढिल्लों के तबादले के करीब चार पुलिस अधिकारी इस थाने के इंचार्ज के तौर पर नियुक्त रहे लेकिन किसी ने भी इस नंबर को चालू करवाने की जहमत नहीं उठाई।

वहीं, एसपी डी का सरकारी नंबर डा. मेहताब सिंह के चार्ज संभालने के बाद बंद हो गया था, क्योंकि इसका बिल करीब 1800 रुपये है। उनके तबादले के बाद दो पुलिस अधिकारी इस पद पर तैनात हुए हैं लेकिन यह नंबर आज भी बंद है।

इसी तरह एसपी सिटी का सरकारी नंबर भी बंद पड़ा है, जिसे चालू नहीं करवाया गया। यह परेशानी हो रही है जनता को आम जनता के बाद पुलिस थानों व विभाग के बोर्ड के अलावा वेबसाइट से अधिकारियों का नंबर मिलता है।

सरकारी नंबर को हर समय चालू रखने के साथ-साथ इस पर आने वाली काल को सुनना जरूरी है क्योंकि यह आम जनता के लिए जारी किया नंबर है। जनता के पास भी यह नंबर नोट हैं लेकिन नंबर बंद होने पर उन्हें संपर्क करने के परेशानी उठानी पड़ रही है।

अधिकारी भी दिक्कतों का सामना कर रहे सरकारी नंबर बंद होने के कारण अधिकारियों को अपना पर्सनल नंबर पब्लिक के साथ शेयर करना पड़ रहा है। कई बार परिवार व रिश्तेदार के फोन काल आने पर उन्हें लंबी बात करने से गुरेज करना पड़ता है क्योंकि आम जनता या विभागीय तौर पर किसी भी समय फोन काल आ सकती है। इन नंबरों पर अधिकतर विभागीय व जनता के फोन अधिक आते हैं, ऐसे में परिवार व रिश्तेदारों के अलावा करीबियों से बात नहीं कर पातें।

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