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कैप्टन सरकार में बनी लोहसिंबली अनाज मंडी आज भी बदहाल, न पक्का फड़, न पीने का पानी; किसान परेशान

Published: Sat, 03 Oct 2026 03:15 PM (IST)

पटियाला की लोहसिंबली अनाज मंडी में धान खरीद के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिससे किसान परेशान हैं। कच्चे ...और पढ़ें

लोहसिंबली अनाज मंडी बदहाली की शिकार।

लोहसिंबली अनाज मंडी बदहाली की शिकार।


HighLights

  1. मंडी में पक्के फड़, पीने का पानी और शौचालय नहीं

  2. धान खरीद धीमी, बारिश से फसल खराब होने का डर

  3. मार्केट कमेटी ने पक्के फड़ के लिए प्रस्ताव भेजा

गुरप्रीत धीमान, पटियाला। पंजाब में 1 अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू होने के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मार्केट कमेटी घनौर के अधीन आने वाली सब-यार्ड अनाज मंडी लोहसिंबली में प्रशासनिक दावों की हवा निकलती नजर आ रही है।

पंजाब-हरियाणा सीमा के अंतिम छोर पर बसे गांव लोहसिंबली की इस मंडी पर आसपास के करीब 12 गांवों के किसान निर्भर हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के समय अस्तित्व में आई इस अनाज मंडी का बुनियादी विकास आज वर्षों बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है।

मंडी के कच्चे फड़ पर 6 महीने की खून-पसीने की मेहनत से उगाई फसल डाले बैठे किसानों के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही है कि अगर बारिश हुई तो पूरी उपज कीचड़ में मिलकर बर्बाद हो जाएगी।

किसान रणधीर सिंह ने खोली मंडी की पोल

मंडी में फसल लेकर आये किसान रणधीर सिंह गांव मस्तगढ़, बहादुर सिंह गांव कामी खुर्द और हरमनजोत सिंह गांव जंड मंगोली ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंडी में मूलभूत सुविधाओं का पूरी तरह दिवाला निकल चुका है।

फड़ कच्चा होने के कारण हर तरफ धूल-मिट्टी उड़ रही है। यदि बारिश होती है तो दाने अंकुरित होने का खतरा है, वहीं सरकारी खरीद की गति भी बहुत धीमी चल रही है।

किसानों ने बताया कि मंडी के शुरुआती हिस्से में जो शेड बनाया गया है, वह फड़ों से काफी दूर है और उसके नीचे बैठने के लिए कोई पक्का फर्श या चबूतरा नहीं है।

मंडी में ट्रॉली भी नहीं जा सकती

रेतीली जमीन होने और शेड का इलाका फड़ से लगभग डेढ़-दो फीट ऊंचा होने की वजह से बारिश के समय वहां भरी हुई ट्रॉली ले जाना असंभव हो जाएगा। मंडी में सरकारी स्तर पर पीने के पानी का कोई बंदोबस्त नहीं है (केवल आढ़तियों के कैंपरों का सहारा है), शौचालय नदारद हैं और फसल की सुरक्षा के लिए कोई चौकीदार तक तैनात नहीं है।

छांव का प्रबंध न होने के कारण दोपहर की चिलचिलाती धूप में प्रवासी मजदूर ट्रॉलियों के नीचे तिरपाल बिछाकर आराम करने पर मजबूर हैं।

प्रस्ताव भेजा जा चुका है, फंड आते ही बनेगा पक्का फड़

इस संबंध में जब मार्केट कमेटी घनौर के चेयरमैन जरनैल सिंह मन्नू से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कमेटी की तरफ से प्रबंध पूरे किए जा रहे हैं। लोहसिंबली मंडी के कच्चे फड़ को पक्का करवाने के लिए प्रस्ताव पारित कर उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है।

जैसे ही सरकार से फंड जारी होंगे, फड़ का निर्माण करवा दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे खुद मंडी का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे और किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

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