संस, राजपुरा : बीते शनिवार को पटाखे बनाते समय हुए विस्फोट में भाई-बहन की मौत के बाद पड़ोस में रहने वाली बच्ची पल्लवी ने भी चार दिन बाद पीजीआइ में दम तोड़ दिया। बच्ची का पोस्टमार्टम करवाने के बाद पुलिस की सुरक्षा में आनंद नगर के स्वर्गधाम में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर, हादसे में घायल कृष्ण की हालत में सुधार होने के बाद उसे पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। दूसरी ओर इस मामले के आरोपित किशन कुमार तक पुलिस अब तक नहीं पहुंच पाई है। किशन कुमार के खिलाफ आज मरने वाली बच्ची पल्लवी के दादा निक्कू राम की शिकायत पर भी केस दर्ज किया गया है।

पल्लवी की मौत के बाद दादा निक्कू राम व दादी बसंती देवी समेत परिवार का रो रो कर बुरा हाल है। निक्कू राम ने बताया कि पल्लवी की माता की पहले ही मौत हो चुकी है जिसके चलते वह ही पल्लवी व उसके छोटे भाई कृष्ण की देखभाल करते थे। उनका मकान पटाखे बनाने वालों के पास ही था जबकि वह घर के बाहर पेड़ के नीचे बैठे थे कि उन्हें विस्फोट के बारे में पता चला। उन्हें क्या मालूम था कि जिस घर में दोनों बच्चे खेलने जा रहे हैं, वह घर पल्लवी की मौत का कारण बनेगा।

उधर, जिस घर में विस्फोट हुआ उसमें रहने वाली मीना देवी पहले तो अपने दो बच्चों को खोने से गम में थी, वहीं, आज पड़ोसी की बेटी पल्लवी की मौत के बाद एक बार फिर से वह पथरा गई। वह केवल खुद को कोस रही थी। ये था मामला

बीते शनिवार सुबह गाव जंडौली के नजदीक संत नगर में पटाखे बनाने वाले मैटीरियल की वजह से हुए धमाकों से मकान मालिक किशन कुमार के दो बच्चे बेटी मनप्रीत कौर व बेटा गुरप्रीत सिंह दम तोड़ चुके हैं। वहीं, इस विस्फोट में पड़ोस में रहने वाली पल्लवी व कृष्णा गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। कृष्ण को राजिंदरा अस्पताल व पल्लवी को पीजीआइ चंडीगढ़ दाखिल करवाया गया था। जहां चार दिन जिंदगी और मौत से लड़ रही पल्लवी ने पांचवें दिन दम तोड़ दिया। परिवार वालों के अनुसार गरीबी के चलते दोनों मृतक बच्चों की माता मीनू कुमारी ने पैसों के लिए घर में ही पटाखे बनाने का काम शुरू किया था ताकि परिवार को गुजारा चलाने में मदद हो सके। लेकिन उसे नहीं पता था कि वह पटाखे बनाने का सामान नहीं बल्कि अपने बच्चों की मौत का सामान ला रही है। 80 प्रतिशत तक झुलस चुकी पल्लवी की आज चंडीगढ़ के अस्पताल में मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद आनंद नगर श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया है। अब तक आरोपित किशन फरार है।

गुरनाम सिंह, प्रभारी कस्तूरबा पुलिस चौकी

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