जागरण संवाददाता, पटियाला : जिले का गांव धबलान कोरोना हाटस्पाट बनता जा रहा है। करीब 2500 आबादी वाले इस गांव में अब तक 78 लोग पाजिटिव आ चुके हैं, जबकि बीते दो महीने में गांव में नौ लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें से आधिकारिक तौर पर चार लोगों की कोविड के कारण मौत होने की पुष्टि हुई है। शनिवार को सामने आई 250 सैंपलों की रिपोर्ट आई जिसमें से 37 लोग पाजिटिव आए हैं और इससे पहले गांव में 41 लोग पाजिटिव थे। यह सभी केस पिछले 10 दिन के दौरान आए हैं। पुलिस की चौकसी बरकरार, गांव की गलियां हुई सूनी

सेहत विभाग ने केस अधिक आने पर गांव में माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया फिर बाद में इसमें कंटेनमेंट जोन लागू कर दिया। करीब दस दिन से हो रही सैंपलिग के दौरान 78 पाजिटिव केस आए हैं। ऐसे में सेहत विभाग की टीमें लगातार सैंपलिग करने में लगी हुई हैं, लेकिन यहां पर टीकाकरण कैंप अभी तक नहीं लगाया गया है। ऐसे में साफ है कि गांव में लोगों ने अब तक टीकाकरण नहीं करवाया है। लोगों में कोविड की बीमारी का भय व्याप्त है जिसके चलते गांव की गलियां सूनी हो गई हैं। पुलिस कर्मचारी गांव में से लोगों को बाहर आने व किसी अनजान व्यक्ति को गांव में जाने से रोक रहे हैं। गांव अजनौदा में भी आ चुके 21 पाजिटिव, 13 की मौत

नाभा व नजदीकी गांव अजनौदा में भी अब तक 21 लोग पाजिटिव आ चुके हैं और मई महीने के दौरान 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद गांव के लोगों ने माहौल सुधरने तक विवाह न करने व मौत होने पर गुरुद्वारा साहिब में भोग न डालने का फैसला किया है। भोग के दिन गुरुद्वारा साहिब में केवल सुखमणि साहिब का पाठ होगा। उक्त गांव में गलियां भी सुनसान हैं। 250 में से आए 37 केस : डा. सुमित

जिला एपिडिमोलाजिस्ट व कोविड के जिला नोडल आफिसर डा. सुमित सिंह ने कहा कि शनिवार को आई 250 लोगों की रिपोर्ट के दौरान 37 लोग पाजिटिव आए हैं। इसके साथ अब गांव में 78 लोग पाजिटिव हो चुके हैं। गांव में कोविड के कारण चार लोगों की मौत हुई है। वहां पर कंटेनमेंट जोन लगाया गया है। पुलिस गांव में ड्यूटी पर तैनात है जिसके कारण गांव के लोगों को बाहर आने व दूसरे लोगों को भीतर जाने से रोका जा रहा है। सुबह 5.30 बजे करेंगे सैंपलिग : डा. असलम

रैपिड रिस्पोंस टीम कौली के इंचार्ज व ग्रामीण मेडिकल आफिसर धबलान डा. असलम परवेज ने बताया कि वह अपनी टीम के साथ गांव में सैंपलिग को बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। गांववासियों को कोविड के प्रति जागरूक करते हुए अब तक गांव में 750 से अधिक लोगों की सैंपलिग करवा चुके हैं। गांव के कुछ लोग ऐसे हैं जो सुबह जल्दी ही खेतों में काम करने के लिए निकल जाीते हैं और वे दिन में गांव में नहीं होते उनके लिए सुबह साढ़े पांच बजे सैंपलिग का कैंप लगाया जा रहा है, ताकि इस तरह के लोग कैंप में आकर सैंपलिग करवा सकें।

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