जागरण संवाददाता, पटियाला : अध्यापकों को विषयों में क्लेरिटी लाने और विद्यार्थियों को टापिक्स रोचक तरीके से समझाने के इरादे से मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत सीबीएसई ने 11वीं और 12वीं के मेडिकल, साइंस और कामर्स स्ट्रीम से चुनिदा विषयों के शिक्षकों को ट्रेनिग देने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत सीबीएसई ने कामर्स स्ट्रीम का चयन कर इंप्लायमेंट आफ बैंक फंड्स की आनलाइन ट्रेनिग के साथ मंगलवार से कर दी है।

इसमें विशेषज्ञों की तरफ से शिक्षकों को इस विषय की गंभीरता को लेकर जागरूक करने के साथ-साथ विषय को रोचक बनाने और विषय प्रति शिक्षकों की क्लेरिटी बढ़ाने के लिए ट्रेनिग दी गई, ताकि शिक्षक विद्यार्थियों को भी विषय की क्लेरिटी दे सकें। उनका कंसेप्ट पूरी तरह से क्लियर हो सके और हायर क्लासिज में जाकर उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। मंगलवार को आनलाइन ट्रेनिग का सेशन सुबह 11 बजे से साढ़े 12 बजे तक आयोजित किया गया। पूरी तरह से मुफ्त होगी आनलाइन ट्रेनिग

ये आनलाइन ट्रेनिंग मुफ्त होगी ताकि ज्यादा से ज्यादा अध्यापक इस ट्रेनिग में शामिल हों। हालाकि इस आनलाइन ट्रेनिग में हिस्सा केवल एफिलिएटेड स्कूल के अध्यापक ही ले सकते हैं। जिसके तहत आनलाइन सेशन को अटेंड करने के लिए अध्यापकों को स्कूल की तरफ से ही रजिस्टर करना अनिवार्य है। बोर्ड ने यह भी स्थिति क्लियर की है कि इसे लेकर लिमिटेड सीट्स ही रखी गई हैं और पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर सेशन में सीट्स मिलेंगी। जिसके तहत रजिस्ट्रेशन कराने के बाद चुने गए अध्यापकों की ई-मेल पर ही ट्रेनिग सेशन का लिक भेजने के साथ-साथ सारी जानकारी मुहैया करवाई जाएगी। जिसके तहत अध्यापक तय शेड्यूल के हिसाब से ट्रेनिग का हिस्सा बन सकेंगे। आनलाइन ट्रेनिग के जरिए जहां अध्यापक घर बैठे ही विषय को बढ़ाने के बेहतर ढंग सीखेंगे, वहीं उनकी भी विषय के प्रति क्लेरिटी बढ़ेगी। जोकि विद्यार्थियों के लिए कंसेप्ट क्लियर करने के इरादे से काफी फायदेमंद साबित होगी।

विवेक तिवारी, जिला कोआर्डिनेटर, सीबीएसई।

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