जागरण संवाददाता, पटियाला : पतंजलि योग समिति के जिला प्रमुख बिजेंदर शास्त्री को जैसे ही कोविड हुआ तो उन्होंने अपने योग करने का समय आधा घंटा से बढ़ाकर दो घंटे कर दिया। वे कहते हैं कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि योगासन करने वाले को कोविड की शिकायत नहीं हो सकती, जिसका उदाहरण मैं खुद हूं। मुझे योगासन का यह लाभ मिला कि कोविड ने मुझ पर अधिक असर नहीं दिखाया और न ही मेरे परिवार के किसी सदस्य को कोविड ने प्रभावित किया।

शास्त्री ने बताया कि चार मई को उन्हें बुखार व गला खराब होने की शिकायत हुई तो उन्होंने पांच मई को टेस्ट करवाया तो वे कोविड पाजिटिव आ गए। जैसे ही उन्हें इसका पता चला तो उन्होंने अपने फेफड़े मजबूत करने की ठानी और रोजाना योग करने का समय बढ़ा दिया। पहले रोजाना सुबह आधा घंटा योग करता था और पाजिटिव होने के बाद सुबह व शाम को एक एक घंटा योग करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि इस दौरान मेरा अधिक ध्यान भषरिका आसन करने पर रहा। यह आसन फेफड़ों के लिए अधिक लाभदायक होता है। कोविड का अधिक असर फेफड़ों पर ही होता। रोजाना दो घंटे योग करने के कारण मुझपर कोविड का असर नहीं हुआ और मैं आसानी से कोविड पर जीत पा सका। उन्होंने लोगों को योग करने की सलाह दी और कहा कि अगर कोरोना हो जाता है तो कोई घबराने वाली बात नहीं है। योग करो और कोरोना को मात दो।

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