जासं, पटियाला : आशा वर्कर फेसिलीटेटर यूनियन द्वारा अपनी मांगें पूरी करवाने को लेकर फव्वारा चौक पर धरना लगाकर रोष प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान आशा वर्करों द्वारा फव्वारा चौक पर 45 मिनट तक जाम लगाया गया। इसकी वजह से चौक पर ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान आशा वर्करों ने सरकार के वायदों को झूठा बताते हुए घड़ा फोड़ा और खाली बर्तन बजाकर सरकार का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह सरकार को नींद से जगाने के लिए किया जा रहा है।

इससे पहले वर्करों ने यहां माता कौशल्या अस्पताल में एकत्रित होकर रोष प्रदर्शन किया। जिसके बाद अस्पताल से फव्वारा चौक तक रोष मार्च निकाला। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने यूनियन सदस्यों से मांग पत्र लिया और वित्त मंत्री को भेजने का भरोसा दिया, जिसके बाद आशा वर्करों ने अपना धरना खत्म किया।

मांगें पूरी नहीं की तो संघर्ष को देंगे बड़ा रूप

आशा वर्कर यूनियन की राज्य प्रधान किरनदीप कौर पंजोला ने कहा कि अगर सरकार ने आशा वर्करों की मांगों को पूरा नहीं किया तो संघर्ष को बड़ा रूप दिया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर सेहत विभाग के 55 रूटीन काम के अलावा कोरोना महामारी दौरान विभिन्न सेवाएं निभाई। उन्होंने कहा कि वर्कर बिलकुल कम वेतन पर लंबे समय से काम कर रहे है। बावजूद इसके अब तक सरकार ने वर्करों की मांगे पूरी करने के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाया। इस दौरान भादसों की प्रधान जसबीर कौर, कमलप्रीत कौर, सोनिया रानी, संतोष रानी,परमजीत कौर, मनप्रीत कौर, नरिदर कौर व मनदीप कौर ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि उनका मांग पत्र सरकार के वित्त मंत्री को भेज दिया है, लेकिन उनकी मांगे पूरी नहीं की जा रही हैं।

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