जेएनएन, चंडीगढ़/पटियाला। सिख फार जस्टिस रैफरेंडम 2020 और पाकिस्तानी सरपरस्ती वाले आतंकी संगठन खालिस्तान गदर फोर्स के लिए काम कर रहे एक आतंकी को पटियाला के नजदीक गांव दफ्तरीवाला बुराड़ (समाना) से गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आतंकी शबनमदीप से एक बाइक, खालिस्तान गदर फोर्स के लैटर पैड, हैंड ग्रेनेड व एक पिस्तौल बरामद हुआ है।

डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने बताया कि त्योहारों के दौरान पुलिस थाने, चौकियां और भीड़भाड़ वाले इलाके शबनमदीप के निशाने पर थे। वह राजस्थान में किसी केस में जमानत पर रिहा हुआ है। वह लाहौरिया जाट गिल नाम से फेसबुक अकाउंट चला रहा था। जिस पर जरनैल सिंह भिंडरावाले प्रोफाइल फोटो लगाई हुई थी।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि जुलाई 2018 में उसकी पहचान पाकिस्तान के एक इंटेलिजेंस अफसर जावेद खान से हुई। जिसने उसकी पहचान पाकिस्तानी सिख गोपाल सिंह चावला से करवाई। उसने आगे दो और लोगों से उसकी पहचान करवाई जो सिख फार जस्टिस का समर्थक है। इसके बाद शबनमदीप की जान पहचान एक निहाल सिंह नाम के व्यक्ति से करवाई गई जो खुद को एसएफजे का कट्टर कार्यकर्ता बताता है।

निहाल और पाकिस्तान इंटेलीजेंस अफसर लगातार शबनमदीप को शराब के ठेकों में आग लगाने की घटनाओं को अंजाम देकर इन घटनाओं के वीडियो और खबरों की कटिंग मांगते थे। इनके निर्देश पर शबनमदीप और उसके साथियों ने कई जगह आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया। जावेद खान ने शबनमदीप को 'खालिस्तान गदर फोर्स' के लैटरपैड तैयार कर आगजनी और दहशतगर्दी की वारदातों की जिम्मेदारी लेने और इसी नाम से फेसबुक अकाउंट तैयार कर आतंकवादी संगठन का प्रचार करने को कहा।

जावेद ने शबनमदीप को टारगेट किलिंग का काम सौंपते हुए हर वारदात के लिए 10 लाख रुपये देने वादा किया। उसे पुलिस स्टेशन, पुलिस चौकियों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर इस्तेमाल करने के लिए पिस्तौल और ग्रेनेड भी भेजे गए। वहीं, शबनमदीप ने निहाल द्वारा भेजे फंड से सीटी-100 बजाज प्लेटिनम बाइक और एक नया मोबाइल फोन खरीदा।

ठेकों के आग लगाने वाले कट्टरपंथियों से भी हैैं संबंध

शबनमदीप कुछ समय पहले अमृतसर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए जिला तरनतारन के गांव नागोके के रहने वाले सुखराज सिंह के संपर्क में आया। सुखराज ने टारगेट किलिंग के लिए शबनमदीप से हथियारों की सप्लाई के लिए संपर्क किया था। इससे पहले बटाला पुलिस ने भी 31 मई 2018 को दो कट्टरपथियों धरमिंदर सिंह और कृपाल सिंह को गिरफ्तार किया था। जिन्होंने बटाला के श्री हरगोबिंदपुर ब्लाक के दो गांवों शराब ठेकों को आग लगा दी थी।

आइएसआइ और गुरपतवंत सिंह पन्नू के मंसूबे आए सामने

डीजीपी अरोड़ा ने कहा कि उसकी गिरफ्तारी से पाकिस्तानी एजेंसी आइएसआइ और गुरपतवंत सिंह पन्नू के गलत मंसूबे सबके सामने आ गए हैैं। उसकी गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है एसएफजे रैफरेंडम 2020 को उत्साहित करने के लिए हिंसा का सहारा लिया जा रहा है। यह संगठन पंजाब के गरीब, अनपढ़ सिख नौजवानों को धर्म के नाम बहलाकर अपने जाल में फंसा रहा है। अरोड़ा ने कहा कि इससे गुरपतवंत सिंह पन्नू के वह दावे झूठे साबित हुए हैैं जिनमें वह अपनी मुहिम में हिंसा और पंजाब में होने वाली हिंसक घटनाओं के लिए फंड मुहैया नहीं करवाने का दावा करता है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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