पटियाला, जेएनएन। यहां कमाल का फर्जीवाड़ा सामने आया है। बोगस बिलों के सहारे 60 करोड़ रुपये के आयरन स्‍क्रैप की दिल्‍ली से खरीद हो गई और इससे सरकारी खजाने को 10 लाख 80 हजार रुपये का चूना लगा दिया गया। सबसे कमजा की बात है कि वाट्सएप के जरिए बोगस स्लिप कटती रही और कागजों में ही गाडिय़ां दिल्ली से आती रहीं। पंजाब के आबकारी एवं कराधान विभाग ने पूरे मामले का पर्दाफाश किया है।

वाट्सएप के जरिए कटीं बोगस स्लिप, सरकार को 10.80 करोड़ का चूना लगाने वाली फर्म का मालिक गिरफ्तार

आबकारी एवं कराधान विभाग ने खुलासा किया है कि खनौरी स्थित फर्म गणपति मोटर स्टोर का मालिक सुभाष चंद्र बोगस बिलों के सहारे आयरन स्क्रैप का कारोबार कर रहा था। विभाग के अधिकारियों ने सुभाष चंद्र को जीएसटी एक्ट के तहत बुधवार रात को गिरफ्तार किया था तो पूरे मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ। उसे मूनक में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर संगरूर जेल में भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार, विभाग ने फर्म का 2017 से अब तक का डाटा एकत्रित किया था। इस मामले में कुछ और डीलरों की मिलीभगत होने की आशंका है। विभाग की ओर से मामले की पड़ताल जारी है।

घोटाला के बारे में जानकारी देते हुए आबकारी और कराधान विभाग के अधिकारी।

बोगस बिलों के सहारे दिल्ली से 60 करोड़ की आयरन स्क्रैप की खरीदारी दस्तावेजों में दिखाई

आबकारी एवं कराधान विभाग की एडिशनल कमिश्नर नवदीप कौर भिंडर ने बताया कि फर्म के मालिक द्वारा हरियाणा व अन्य जगहों से पुराने ट्रक खरीदकर उनका स्क्रैप खनौरी में निकालकर मंडी गोबिंदगढ़ की पांच फर्मों को सप्लाई किया जाता था। वहीं दूसरी ओर दिल्ली से माल की जगह सिर्फ बोगस बिल ही यहां आ रहे थे।

उन्होंने बताया कि फर्म के मालिक द्वारा बोगस बिलों के सहारे दिल्ली से 60 करोड़ रुपये की आयरन स्क्रैप की खरीदारी दस्तावेजों में दिखाई गई है। वहीं 10.80 करोड़ रुपये के फर्जी टैक्स क्रेडिट दिखाए गए। दूसरी ओर पंजाब के विभिन्न डीलरों को भी फर्जी क्रेडिट जारी कर कर दिए। इस मामले में हरियाणा के टोल प्लाजा कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। विभाग ने इसकी पुष्टि भी कर दी है।

कागजों में दिल्ली से स्क्रैप लेकर 945 गाडिय़ां आईं पंजाब

पूरे मामले में हरियाणा के टोल प्लाजा कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। स्क्रैप का कारोबार करने वाले डीलरों ने हरियाणा के रोहतक के नजदीक स्थित एक टोल प्लाजा के कर्मचारियों से सांठगांठ कर रखी थी। आरोप है कि डीलरों द्वारा दिल्ली की फर्मों से बोगस बिल तैयार करवाए जाते थे। वाट्सएप के जरिए टोल प्लाजा कर्मचारियों को यह भेज दिए जाते थे। टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों द्वारा बोगस टोल पर्चियां डीलरों को भेज दी जाती थीं। फिलहाल डीलरों के साथ टोल प्लाजा से एक कर्मचारी की मिलीभगत का मामला सामने आया है। इस मिलीभगत से कागजों में दिल्‍ली से 945 गाडियां आने का रिकार्ड दिखाया गया।

जानकारी के अनुसार खनौरी स्थित फर्म गणपति मोटर स्टोर का मालिक सुभाष चंद्र व उसके साथी डीलरों ने दिल्ली की विभिन्न फर्मों से 945 बोगस बिल तैयार करवाए थे। इसी मामले में सुभाष चंद्र की गिरफ्तारी हुई है। आबकारी एवं कराधान विभाग के अधि‍कारियों के अनुसार रोहतक के टोल प्लाजा के उच्चाधिकारियों ने एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट को इस मामले में एक कर्मचारी की मिलीभगत होने संबंधी पुष्टि भी कर दी है। टोल प्लाजा अधिकारियों द्वारा डिपार्टमेंट को लिखित में कर्मचारी के बारे में जानकारी दी गई है।

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कराधान विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा हरियाणा सरकार को इस मामले में शामिल टोल प्लाजा कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लिखा जा चुका है। विभाग के अनुसार इस मामले में शामिल डीलरों द्वारा पिछले समय में जीरो टैक्स भरा जा रहा था। टोल प्लाजा से ली जानकारी में 945 गाडिय़ों का मामला सामने आया। डीलरों द्वारा आईटीसी क्लेम करने के लिए बिना बिल के सामान की खरीदारी कर कैश पेमेंट की गई।

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खनौरी मंडी के डीलरों की होगी वेरीफिकेशन

एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग की एडिशनल कमिश्नर नवदीप कौर ङ्क्षभडर ने कहा कि मामला सामने आने के बाद खनौरी मंडी में स्क्रैप का कारोबार करने वाले विभिन्न डीलरों की वेरीफिकेशन भी की जाएगी। पता चला है कि यह डीलर पुरानी गाडिय़ों की खरीद कर उन्हें पाट्र्स में करके स्क्रैप के रूप में आगे बेचते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में और बड़ा खुलासा होने की संभावना है।

 

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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