संवाद सहयोगी, नरोट जैमल सिंह : हलका भोआ के अंतर्गत पड़ते नरोट जैमल सिंह के वार्ड नंबर चार की एक कच्ची गली छप्पड़ और कीचड़ में तब्दील हो चुकी है। यहां मक्खियां और मच्छर आम ही मंडराते दिखाई देते हैं। वहीं राहगीरों के लिए भी उक्त गली से गुजरना किसी मुसीबत से कम साबित नहीं हो रहा। जानकारी देते हुए कुंदन लाल, गिरदारी लाल, मनोहर लाल, दीपक चंद, करतार चंद, हैप्पी, सोमराज, चन्नन दास, सरिष्टा देवी, संतोष कुमारी, पूजा देवी ने बताया कि पिछले दो वर्ष से उक्त गली की हालत दिन-ब-दिन ओर ज्यादा बदतर होती जा रही है। इसे ठीक करवाने की मांग लोगों द्वारा लंबे समय से की जा रही है। नाले के निकास का उचित प्रबंध न होने के कारण गंदा पानी गली में जमा हो जाता है। लोगों ने यह भी बताया कि इन दिनों तेजी से सक्रिय होती जा रही डेंगू जैसी खतरनाक बीमारियों को मुख्य रखते हुए प्रबंधकों की ओर से फागिग का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य सभी वार्डो की तुलना में उक्त वार्ड का क्षेत्रफल ढलान के रूप में काफी नीचे है, जिस कारण ऊंचाई पर स्थित कुछ वार्डों का गंदा पानी नाले के निकास का उचित प्रबंध न होने के कारण ढलान से होते हुए तेजी से नीचे आकर उक्त वार्ड की उक्त गली में जमा हो जाता है। उक्त समस्या कई वर्षो से उनके लिए गले की हड्डी बनीं हुई है। लोगों ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने वार्ड के पार्षद को गली की स्थिति से कई बार अवगत भी करवाया है लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। लोगों ने सरकार से मांग की कि संबंधित विभाग की ड्यूटी लगा कर गली में फागिग का प्रबंध, नाले के निकास का उचित प्रबंध और गली को पक्का करवा कर पिछले कई वर्षों से लोगों की इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द करवाया जाए।

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