जागरण संवाददाता,पठानकोट: विभिन्न जिलों में चल रहे किसान आंदोलन के चलते रविवार को सातवें दिन भी जालंधर-जम्मूतवी रेल सेक्शन पर चलने वाली लंबी दूरी की सभी ट्रेनों को रद ही रखा गया। ट्रेनें रद होने से जहां यात्री परेशान हैं, वहीं प्लेटफार्मों पर पूरी तरह से सन्नाटा छा गया है। गंत्वय तक पहुंचने के लिए यात्री बसों में दिल्ली अथवा लुधियाना तक जा रहे हैं। कारण लुधियाना से आगे रेल सेक्शन बिना किसी रुकावट चल रहा है।

उधर, यात्रियों के साथ-साथ रेलवे को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। इतना ही नहीं कैंट व सिटी रेलवे स्टेशनों पर काम करने वाले कुलियों, वेंडरों के लिए भी भारी परेशानियों पैदा हो गई हैं। सिटी व कैंट स्टेशन पर काम करने वाले वेंडरों व कुलियों का कहना है कि एक तो पहले ही कोरोना के चलते उनका कारोबार आधा रह गया है, रही कसर अब किसान आंदोलन पूरा कर रहा है। सात दिनों से उन्होंने एक भी पैसा नहीं कमाया, जो थोड़े बहुत यात्री फंसे पड़े थे वह भी बचत करके काम चला रहे हैं। कारोबार भी हो रहा प्रभावित

जालंधर-जम्मूतवी रेल सेवा बंद होने का यहां यात्रियों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, वहीं शहर का कारोबार भी बुरी तरह से प्रभावित होकर रह गया है। कारोबारियों का कहना है कि बेशक अमृतसर और नैरोगेज रेल सेक्शन पर पैसेंजर ट्रेनों का संचलान करवाकर यात्रियों को राहत पहुंचाई जा रही हो। लेकिन, लंबी दूरी की ट्रेनें कैंसिल होने के कारण शहर के कारोबार पर भी इसका असर पड़ा है। बसेंपहुंचा रही यात्रियों को मंजिल तक

पंजाब रोडवेज पठानकोट डिपो के जनरल मैनेजर दर्शन सिंह गिल ने कहा कि रेल सेवा बाधित होने के कारण डिपो ने दिल्ली और जम्मूतवी के लिए स्पेशल सर्विस शुरू कर दी है। इसके तहत पिछले दो दिनों में दिल्ली के लिए तीन और जम्मूतवी के लिए चार स्पेशल बसें चलाई है।

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