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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

त्योहारों से पहले सब्जियों ने बिगाड़ा रसोई का स्वाद, प्याज-टमाटर का तड़का हुआ महंगा; लहसुन 320 के पार

Published: Fri, 27 Sep 2024 05:36 PM (IST)

त्योहारों से पहले सब्जियों (Vegetable Prices Hike) के दाम बढ़ गए हैं जिससे रसोई का स्वाद पूरी तरह से बिगड़ ...और पढ़ें

त्योहारों से पहले बढ़े सब्जियों के दाम।
त्योहारों से पहले बढ़े सब्जियों के दाम।

HighLights

  1. त्योहारों से पहले महंगी हुई सब्जियां
  2. प्याज-टमाटर ने तड़का किया महंगा
  3. बाकी सब्जियों ने भी लगाई छलांग

जितेंद्र शर्मा, पठानकोट। प्याज और टमाटर का तड़का लगाना महंगा होता जा रहा है। पिछले सप्ताह 50 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा टमाटर शुक्रवार को 80 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिका। प्याज भी 60 रुपये से बढ़ कर 70 रुपये प्रति किलो पर चला गया है।

इतना ही नहीं, प्याज और टमाटर के तड़के के बाद लहसुन ने भी अपना रंग दिखा दिया है। लहसुन 300 से 320 रुपये किलो की दर से बिक रहा है। लहसुन के बढ़े दामों ने गृहणियों को परेशानी में डाल दिया है।

कारोबार से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि अगले सप्ताह से फेस्टिवल सीजन शुरू होने जा रहा है। जिस कारण अभी सब्जियों के दाम 15 से 20 दिन कम होना मुश्किल है। ऐसे में लोगों को अभी महंगाई से राहत मिलती नजर नहीं आ रही।

सब्जियों के दाम

सब्जी का नाम पहले का रेट अब का रेट
टमाटर 50 80
प्याज 60 70

फूल गोभी

70 100

आलू

30 40

गाजर

50 80

घईया

30 40

भिंडी

30 50

हरा मटर

160 200

फलासफीन

60 80

बैंगन

40 60

बंद गोभी

40 50

करेला

40 60

रसोई का बिगड़ गया बजट

गृहिणी आशा रानी, बबली, नरेश कुमारी, दिलीप कुमारी, मीना आदि का कहना है कि रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। सब्जियों के दाम पहले ही काफी ज्यादा है। अब तड़के की सामग्री भी महंगी होने लगी है।

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ठेला लगाकर सब्जी बेचने वाले भी सब्जियों के मनमर्जी के दाम वसूलते हैं। टमाटर और प्याज के रेट बढ़ने के बाद लहसुन ने भी ट्रिपल सेंक्चुरी मार ली है। जिस कारण तड़का लगाना ही मुश्किल हो गया है। आज मार्केट में कोई भी सब्जी 50 रुपये से कम नहीं दिख रही। ऐसे में सब्जियों की बजाय दालों को ज्यादा तरजीह देना उनकी मजबूरी है।

सब्जियां बाहर से आने की वजह से अधिक महंगाई

जिले में अधिकतर सब्जियां बाहर से आ रही हैं, जिस कारण सब्जियों के दाम में इजाफा हो रहा है। शहर के एमसी बाजार में पिछले 30 वर्षों से सब्जियों का कारोबार करने वाले अश्वनी कुमार काला ने बताया कि यहां टमाटर बैंगलोर से आ रहा है, जबकि आलू इटावा से और प्याज इंदौर से आ रहा है।

वहीं, धनिया देवास से तो अदरक बरुआ सागर से आ रहा है। अधिकतर सब्जियां बाहर से आने के कारण यह महंगाई देखने को मिली है। भाड़े के साथ-साथ ये सब्जियां जहां से आ रही हैं, वहां भी महंगी मिल रही हैं। इस वजह से आम लोगों की जेब पर दोहरी मार पड़ रही है।

अगले सप्ताह से फेस्टिवल सीजन शुरू होने जा रहा है। जिसमें विवाह-शादियों व अन्य कार्यक्रमों की वजह से डिमांड बढ़ेगी जिस कारण अभी कम से कम 20 दिन तक रेट कम होना बहुत मुश्किल है।

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