राज चौधरी, पठानकोट : कोरोना वायरस को लेकर लगाए गए क‌र्फ्यू के कारण मरीजों को दवाइयां नहीं मिल रही हैं। आगामी दो-तीन दिन में यह समस्या और विकराल हो सकती है। ऐसा इसलिए माना जा रहा है क्योंकि प्रतिदिन पठानकोट में सप्लाई होने वाली दवाइयों की सप्लाई पिछले आठ दिन से बंद हैं। ऐसे में होलसेल दवा विक्रेताओं के पास इनका स्टॉक लगभग खत्म हो गया है। डिमांड के आधार पर वह रिटेल दवा विक्रेताओं की जरूरतों के अनुसार उन्हें दवाइयां नहीं दे पा रहे हैं।

एक आंकड़े पठानकोट में कुल 250 से अधिक मेडिकल स्टोर हैं। इन स्टोरो को विभिन्न कंपनियों की ओर से दवाइयों की सप्लाई की जाती है। प्रतिदिन ढाई करोड़ रुपये की दवाइयों की सेल करने वाले पठानकोट शहर में जीरकपुर व लुधियाना की कंपनियों की ओर से दवाइयों की सप्लाई की जाती है। परंतु पिछले आठ दिन से इन कंपनियों के कार्यालय बंद पड़े हुए हैं और पठानकोट में इनकी सप्लाई नहीं हुई।

दवा विक्रेताओं के पास सैनेटाइजर की है कमी

कोरोना वायरस से बचाव के लिए हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से लोगों को लगातार अपने हाथ वॉश करने एवं सैनेटाइजर का प्रयोग करने की बात कही जा रही है परंतु शहर के दवा विक्रेताओं के पास सैनेटाइजर की भारी कमी है। दवा विक्रेताओं के पास जब भी लोगों द्वारा सैनेटाइजर की मांग की जाती है तो आगे से जवाब स्टॉक न होना ही मिलता है। ऐसे में स्वास्थ्य के लिए जरूरी सैनेटाइजर की कमी को दूर करवाना चुनौती के साथ प्रथम कर्तव्य भी है। जिला प्रशासन के समक्ष रखेंगे समस्या : राजेश महाजन

होलसेल केमिस्ट ऐसोसिएशन के प्रधान राजेश महाजन बब्बा ने भी जरूरी दवाइयों में लगातार कमी आने की बात की पुष्टि की है। बब्बा ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से वह लगातार कंपनियों के अधिकारियों के संपर्क में है परंतु वाहनों का आवागमन न होने व दवा कंपनियों के ऑफिस में ताले लगे होने के कारण दवाइयां पठानकोट नहीं पहुंच रही। ऐसे में आगामी दिनों में यह हालात ओर भी बदतर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह अपनी इस समस्या को आज ही जिला प्रशासन के समक्ष रखेंगे। एक माह की दवाइयों की डिमांड रखेंगे ताकि शहर भर में जरूरी दवाइयों की कमी को पूरा किया जा सके।

Posted By: Jagran

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