संवाद सहयोगी, पठानकोट: सिविल अस्पताल में तैयार प्राइवेट कमरों के लिए करीब एक माह तक अलग बिजली कनेक्शन का इंतजार करने के बाद संस्था ने अगले सप्ताह से कमरों को खोलने का फैसला लिया है। प्रधान नेरेंद्र काला ने बताया कि हर कमरें में एसी लगा होने के कारण वोल्टेज की दिक्कत आ रही थी। ऐसे में अस्पताल प्रशासन को बिल्डिग में अलग से बिजली कनेक्शन लगाने के लिए कहा गया था। करीब एक माह के इंतजार के बाद भी कमरों के लिए अलग बिजली कनेक्शन नही लगा है। काफी इंतजार करने के बाद संस्था की ओर से अस्पताल प्रशासन को एक सप्ताह का ओर समय दिया गया है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के बाद अगले सप्ताह प्राइवेट कमरों को मरीजों के लिए खोल दिया जाएगा, लेकिन अलग बिजली कनेक्शन न होने के चलते मरीजों को एसी की सुविधा नहीं मिलेगी।

जानकारी के लिए बता दें कि सिविल अस्पताल के ट्रांमा सेंटर के उपर समाज सेवी संस्था की ओर से 13 प्राइवेट कमरों का निर्माण करवाया गया है। हर कमरे में आटोमेटिक बेड, एसी, पंखा, दवाई रखने के लिए ट्राली व मरीज के एटेडेंट के लिए भी अलग से बैठने व अटैच बाथरूम की सुविधा है। बिल्डिग के निर्माण में विकास मंच द्वारा 80 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। पठानकोट विकास मंच के प्रधान नरेंद्र काला ने बताया कि उनकी संस्था की ओर से बिल्डिग बनाने का यह उपराला अस्पताल में मरीजों व उनके परिजनों को आ रही परेशानियों को देखते हुए किया गया है। सिविल अस्पताल 200 बेडों का अस्पताल है व रोजाना अस्पताल में हिमाचल व कठुआ से मरीज पहुंचते है। वर्तमान समय में अस्पताल में केवल चार प्राइवेट कमरों की ही सुविधा है। ऐसे में मरीजों की परेशानियों को देखते हुए संस्था की ओर से 13 प्राइवेट कमरों का निर्माण करवाया गया है। प्रधान नरेंद्र काला ने बताया कि इस बिल्डिग की सुरक्षा का जिम्मा भी पठानकोट विकास मंच का रहेगा। कमरों को आक्सीजन सप्लाई व वेंटिलेटर से भी जोड़ा जाएगा

प्राइवेट कमरों को आक्सीजन की सेंटर सप्लाई से जोड़ा गया है, वहीं वेंटिलेटर की सुविधा के लिए सांसद सन्नी देओल की ओर से आश्वासन दिया गया है। प्राइवेट रूम की 500 रुपये रोजाना होगी फीस

अस्पताल में बने प्राइवेट रूम की 500 रुपये रोजाना फीस भरनी होगी। कोई भी मरीज सरकारी फीस भरकर अस्पताल में बने इन निजी कमरों की सुविधा ले सकता है।

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