पठानकोट [भीष्म भनोट]। फैशन के दौर में युवाओं में शरीर पर टैटू (Tattoo बनाने को लेकर क्रेज बढ़ रहा है, लेकिन यह उनके करियर पर भारी पड़ रहा है। टैटू बनाने से एक तरफ गंभीर बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है। वहीं, इससेे युवा सेना में भर्ती तो दूर एनसीसी तक में प्रवेश तक नहीं कर पा रहे।

अब करियर की चिंता में कई युवा शरीर पर बने टैटू को हटवाने के लिए सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की शरण में पहुंच रहे हैं, लेकिन सिविल अस्पताल में शरीर पर बने टैटू को हटाने का उचित इलाज उपलब्ध न होने के चलते युवा काफी परेशान हैं। भले ही सिविल अस्पताल में शरीर पर बनाए गए टैटू हटाने का इलाज उपलब्ध नहीं है, परंतु बड़े शहरों में लेजर तकनीक के जरिए भारी पैसे खर्च कर इन टैटू को हटवाया जा सकता है। युवाओं में परेशानी का सबसे बड़ा कारण यह सामने आ रहा है कि टैटू गुदवाने से महंगा इसे हटवाने का खर्च है। इसके बावजूद हलका निशान रह ही जाता है।

टैटू के शौकीन अनजान

टैटू के शौकीन युवा इस बात से अनजान हैं कि उन्हें इसकी इतनी भारी कीमत भी चुकानी पड़ सकती है, जो उन्हें मौत के मुंह में धकेल सकती है। डॉक्टरों के अनुसार टैटू बनाने में सावधानी न बरते जाने के चलते आप एड्स, हैपेटाइटिस बी और सी जैसी बीमारियों से ग्रस्त हो सकते हैं। इन बीमारियों से अनजान होने के चलते युवा वर्ग टैटू बनवा रहे हैं। टैटू बनाते समय इस्तेमाल की जाने वाली सुई को लेकर सावधानी न बरतने के कारण कब आप बीमारी का शिकार हो जाएंगे आपको पता तक नहीं चलेगा।

टैटू बनाने के लिए पहले केवल एक ही तरह की स्याही का इस्तेमाल होता था, लेकिन फैशन के बदलते दौर में अब डिजाइन के साथ टैटू बनवाना भी हाईटेक हो गया है। बकायदा कंप्यूटर ग्राफिक्स की मदद से डिजाइन तैयार किए जाते हैं। युवाओं की तरफ से हाथ की कलाई पर छोटे टैटू बनवाए जा रहे हैं, जबकि बाहों पर बड़े साइज के टैटू बनवाए जा रहे हैं।

निशान छुपाने को बना रहे टैटू

कई युवा तो अपने शरीर पर चोट के निशान छिपाने के लिए टैटू बनवा रहे हैं। टैटू बनाने से चोट के निशान तो छिप जाते हैं, लेकिन युवा वर्ग इन टैटू के बनाने से होने वाली बीमारियों से अंजान हैं।

टैटू बनाने पर एनसीसी में नहीं होगा प्रवेश

आदर्श भारतीय कॉलेज के एनसीसी इंचार्ज कैप्टन डॉ. शमशेर सिंह ने कहा कि शरीर पर टैटू गुदवाने पर युवा सेना में भर्ती नहीं हो सकते। वे एनसीसी में भी प्रवेश नहीं कर सकते। वहीं, शरीर पर बनाए गए टैटू के कारण युवा कई प्रकार की स्किन की बीमारियों का भी शिकार हो सकते हैं।

परमानेंट टैटू हटवाने अस्पताल आ रहे युवा

सिविल अस्पताल के स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. रविंदर सिंह ने बताया कि शरीर पर परमानेंट टैटू हटवाने के लिए कई युवा आ रहे हैं जो उनके करियर पर भारी पड़ रहा है। इन परमानेंट टैटू बनाने के कारण लोग कई गंभीर बीमारियों का शिकार भी हो सकते हैं। टैटू बनाते समय अगर साफ सफाई का सही ध्यान न रखा जाए तो टैटू बनाने वाले व्यक्ति को एड्स, हैपेटाइटिस बी, हैपेटाइटिस सी, स्किन संबंधी कई प्रकार की इंफेक्शन हो सकता है। इसमें इस्तेमाल होने वाले कई केमिकलयुक्त रंग के कारण स्किल की एलर्जी तक हो सकती है। इन टैटू को हटाने पर शरीर से अच्छी तरह से निशान तक नहीं जाते हैं।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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