जागरण संवाददाता, पठानकोट: विभिन्न जिलों जारी किसान आंदोलन के चलते जहां शहर के दोनों रेलवे स्टेशनों पर सन्नाटा छा गया है, वहीं बस स्टैंड पर सीट के लिए यात्रियों को लाइन में लगना पड़ रहा है। यात्रियों में सीट को लेकर कोई कहा सुनी न हो जाए इसको देखते हुए डिपो प्रबंधक ने कंडक्टरों को कहा है कि बस स्टैंड से ही यात्री को सीट नंबर अलाट किया जाए। इतना ही नहीं आंदोलन के चलते डिपो प्रबंधन ने दिल्ली-जम्मूतवी की स्पेशल सर्विस बढ़ाकर छह दिन में करीब 18 लाख का अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त किया है।

उधर, ट्रेनों में सीट के लिए पहले रेलवे के रिजर्वेशन केंद्रों में लाइन देखने को मिलती थी, लेकिन किसान आंदोलन के चलते यही लाइन अब बस स्टैंड पर देखने को मिल रही है। पठानकोट, हिमाचल प्रदेश के जिन यात्रियों ने देश के विभिन्न राज्यों को जाना है वे बसों के जरिए पहुंच रहे हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बस डिपो ने भी दिल्ली व जम्मूतवी के लिए विशेष बस सेवा शुरू की है। रोडवेज कर्मी ने बताया कि पहले सवारी कम होती थी, जिस कारण बस में ही यात्री की टिकट काटी जाती थी, लेकिन, अब सवारियां अधिक होने के कारण प्रबंधन ने सवारियों को सीट देकर ही बस में बिठाने की बात कही है ताकि यात्रियों में किसी बात को लेकर कहा-सुनी न हो जाए। कटरा में फंसे श्रद्धालुओं के लिए अमृतसर तक चलाई जा रही विशेष ट्रेन, रविवार तक बढ़ाई सर्विस

किसान आंदोलन के चलते माता वैष्णो देवी के दर्शनों को गए विभिन्न प्रदेशों के यात्रियों को वापस घरों तक पहुंचाने के लिए रेलवे द्वारा शुरू की गई कटरा-अमृतसर स्पेशल ट्रेन को 26 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जालंधर-कटरा रेल सेक्शन बाधित होने के कारण श्रद्धालु वहां फंसे हैं। इसी बात को देखते हुए रेलवे ने बुधवार को कटरा-जम्मूतवी स्पेशल ट्रेन चलाई थी जो शुक्रवार तक चलाई जानी थी, लेकिन इसे बढ़ाकर अब रविवार तक कर दिया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अमृतसर में आकर यात्री बसों से लुधियाना व दिल्ली तक पहुंच सकते हैं। किसान आंदोलन के चलते लुधियाना से आगे सभी ट्रेनें निर्धारित समय पर चल रही हैं। ट्रेन कटरा से उधमपुर, जम्मूतवी, कठुआ, पठानकोट, गुरदासपुर, बटाला स्टेशनों पर रुकेगी। छह दिनों में 18 लाख से अधिक का हुआ लाभ : जीएम

पंजाब रोडवेज पठानकोट डिपो के जनरल मैनेजर दर्शन सिंह गिल ने बताया कि सोमवार से दिल्ली के लिए रोजाना छह-सात तथा जम्मू के लिए पांच बसों की स्पेशल सर्विस चलाई गई है। इससे यहां यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में राहत मिल रही है, वहीं डिपो को भी इससे आर्थिक तौर पर काफी लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की रुटीन में चलने वाली पांच तथा जम्मू की छह बसों की सर्विस रूटीन में अलग से चल रही है। छह दिनों में डिपो ने करीब 18 लाख का अतिरिक्त राजस्व जुटाया है।

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