संस, पठानकोट : जिले के 84672 नीले कार्ड धारकों की एक बार फिर री-वेरिफिकेशन होगी। यानी इन नीले कार्ड धारकों को गरीबी साबित करने के लिए ठोस सबूत देने होंगे। इस बार वेरीफिकेशन व्यक्तिगत तौर पर होगी। इसमें लाभपात्रों के बारे में अलग नया प्रोफार्मा आया है, जिसमें लाभार्थी से कई प्रकार की जानकारियां मांगी गई हैं। इसमें आधार कार्ड नंबर आदि भी शामिल हैं। एडिशनल डायरेक्टर (फूड सप्लाई) मुख्य सचिव, खुराक, सिविल सप्लाई एवं खपतकार मामले, पंजाब ने पंजाब के सभी जिलों के जिलाधीश को री-वेरिफिकेशन करवाने के आदेश दिए हैं ताकि फर्जी कार्ड पकड़ में आ सके और उन्हें रद्द किया जा सके। जिलाधीश को विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों की मदद से नीले कार्ड धारकों की 15 फरवरी 2019 तक री-वेरिफिकेशन कर योग्य लाभार्थी परिवारों की तसदीकशुदा फाइनल सूची संबंधी जिला खुराक एवं सप्लाई कंट्रोल के दफ्तर को सौंपनी होगी। इसके बाद इस सूचि को विभाग के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। री-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों को स्मार्ट राशन कार्ड स्कीप में शामिल किया जाएगा और उन्हें सरकार की तरफ से बनाए जाने वाले नए स्मार्ट कार्ड दिए जाएंगी। सरकार का मानना है कि स्मार्ट कार्ड बनने के बाद लगभग सभी फर्ज कार्ड खत्म हो जाएंगे।

इससे पहले दो वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र ¨सह ने पंजाब की सत्ता संभालते ही अकाली-भाजपा के कार्यकाल के दौरान बनाए गए नीले कार्डों की री-वैरीफिकेशन के निर्देश जारी किए थे, वहीं कैप्टन ने यह भी कहा था कि नीले कार्डों के तहत जरूरतमंद व गरीब परिवारों को दी जा रही आटा-दाल स्कीम में किसानों, भूमिहीन परिवारों, जिन्होंने आर्थिक मंदी के चलते आत्महत्या की हो, ऐसे सभी परिवारों को नैशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट- 2013 के अंतर्गत योजना का हिस्सा बनाकर सरकार की गेहूं-दाल सस्ती का लाभ दिया जाएगा। इसके बाद जुलाई-अगस्त 2016 में नीले कार्ड की री वेरिफिकेशन तो हो गई लेकिन, आज तक किसी भी लाभार्थी को नए कार्ड नहीं मिले हैं। अभी भी लाभार्थियों को पुराने कार्ड पर ही गेहूं दिया जा रहा है। री वेरिफिकेशन की नोटीफिकेशन जारी होने के बाद कई ऐसे नीले कार्ड रद्द हो जाएंगे जिन्हें फर्जी दस्तावेजों के सहारे बनाया गया है। ऐसे सभी कार्डों की री-वेरिफिकेशन जहां ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित पंचायत, सचिव, पटवारी व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की गठित टीम करेगी, वहीं शहरी इलाकों में कार्ड की रि वेरिफिकेशन विभिन्न विभागों के अधिकारी, नगर निगम कमिश्नर या उनकी तरफ से गठित टीम के सदस्य व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से संबंधित स्टाफ के कंधों पर टिकी रहेगी, जिसकी निगरानी जिलाधीश करेंगे और कार्डों की री-वेरीफिकेशन के लिए ई- पॉश मशीन में भी इसका रिकार्ड बायोमेट्रिक के जरिए होगा।

विभाग के पोर्टल पर अपलोड होगी कार्ड धारकों की सूची

नियमों के तहत योग्य पाए जाने वाले लाभपात्र के परिवारों की सालाना आमदन सरकार की तरफ से मिलने वाली पेंशन छोड़कर 60 हजार रूपए के बीच होनी चाहिए। इसमें लाभपात्र परिवार से संबंधित सभी सदस्यों के आधार कार्ड नंबर, परिवार की महिला मुखिया का मोबाइल नंबर व बैंक खाते की डिटेल भी दर्ज की जाएगी। सरकार की नई स्मार्ट राशन कार्ड स्कीम के तहत मौजूदा लाभपात्र परिवारों की री-वैरीफिकेशन व किसानों, भूमिहीन परिवारों की फाइनल सूची जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कंट्रोलर्स को विभाग के पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।

उच्चाधिकारियों के आदेशों के बाद शुरू होगा काम

एएफएसओ अजय से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि अभी तक उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है। सरकार व उच्चाधिकारियों के आदेशों के बाद री-वेरिफिकेशन का काम शुरू कर दिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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