संवाद सहयोगी, पठानकोट : 80 करोड़ रुपये के एनपीए से जूझ रहे हिदू बैंक के एक लाख से अधिक खाताधारकों तथा शेयर होल्डर के सब्र का बांध आज आखिरकार टूट गया। हिदू बैंक तथा पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए खाताधारकों ने मंगलवार सुबह पहले शिमला पहाड़ी पर एक घंटा बैठक की और इसके बाद शहर के विभिन्न बाजारों से होते हुए प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन को वाल्मीकि चौक में संपन्न हुआ, यहां रोड जाम करके प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली।

पठानकोट व्यापार मंडल के अध्यक्ष एसएस बावा, चेयरमैन अनिल महाजन, महासचिव मनिद्र सिंह तथा हिदू कोऑपरेटिव बैंक खाताधारक ऐसोसएशिन के प्रधान रामपाल सैनी की अध्यक्षता में शुरू किया गया। प्रदर्शन में पूर्व कैबिनेट मंत्री पंजाब सरकार मास्टर मोहन लाल सहित विभिन्न समाज सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने पहली बार बढ़चढ़ कर भाग लिया।

प्रभावशाली लोगों को दिया 80 करोड़ रुपये का लोन : एसएस बावा व रामपाल सैनी

रामपाल सैनी और एसएस बावा ने कहा कि 300 करोड़ रुपये की जमा राशि वाले हिदू कोऑपरेटिव बैंक में 80 करोड़ रुपये के ऋण बिना सारे कायदे-कानून ताक पर रख कर क्षेत्र के ही कुछेक प्रभावशाली लोगों को दिए गए। कर्ज लेने वाले लोगों के रुपये वापस नहीं किए गए और अब बैंक दीवालियापन के कगार पर पहुंच चुका है। इसके बाद एक्शन लेते हुए आरबीआइ ने 90 हजार के करीब खाताधारकों के खून पसीने की कमाई पर किसी भी लेन देन पर रोक लगा दी।

आरबीआइ ने एक साल में सिर्फ दस हजार अपने खाते में से निकलवाने का फरमान जारी किया है। इस कारण बैंक में लाखों रुपये जमा करवाने वाले खाताधारक आर्थिक तंगी व भूखमरी के कगार पर हैं।

वाल्मीकि चौक में जाम कर खाताधारकों ने किया प्रदर्शन

खाताधारकों और शेयर होल्डरों ने घरों के बाहर निकलकर शिमला पहाड़ी से होते एमसी बाजार, डाकखाना चौक, गांधी चौक से होते हुए वाल्मीकि चौक तक पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने सरकार एवं बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने एक मांगपत्र विधायक अमित विज के माध्यम से मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिदर सिंह को दिया।

बैंक प्रबंधन व पंजाब सरकार दीवाली तक खाताधारकों की राशि वापस करे

धरने में मौजूद खाताधारक रामपाल सैनी, एसएस बाबा, मजदूर पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट के कन्वीनर नरेश कुमार, केवल कृष्ण कालिया, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी बीडी शर्मा, प्रिसिपल मंगलदास, मस्सा सिंह, अनिल महाजन, सविदर सलवान, कमलेश कटारिया, विमल सैनी कहा कि बैंक प्रबंधन, पंजाब सरकार तथा आरबीआई से मांग की कि उनकी जमा पूंजी को वापस करने का पुख्ता इंतजाम किया जाए। बैंक प्रबंधन की ओर से जो 37 करोड़ रुपये के करीब रिकवरी की गई है, उससे बैंक कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है तथा अन्य खर्चे किए जा रहे हैं। खाताधारकों की सुध तक नहीं ली जा रही। यदि महीने के तहत उन्हें उनके रुपये नहीं लौटाए गए तो आठ नवंबर से वह खुल कर सड़कों पर आ जाएंगे तथा प्रतिदिन बैंक के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे।

Posted By: Jagran

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