जागरण संवाददाता, पठानकोट : तेज बारिश जिले के किसानों को जख्म दे गई है। अनाज मंडियों में रखी धान की फसल बड़े पैमाने पर खराब हो गई। बिना शेड और छत वाली मंडियों में धान खुले में रखा गया था और बारिश से यह लबालब हो गई। नतीजतन खुले में रखे और बोरियों में बंद धान पानी से भर गए। मंडियों की ऐसी हालत हो गई कि कीचड़ और पानी का जमावड़ा हो गया। एक ही बारिश ने मंडियों में प्रशासन के प्रबंधों की पोल खोलकर रख दी। इस कारण किसानों को लाखों रुपयों का नुकसान झेलना होगा। अब उनके खराब धान की लिफ्टिंग नहीं हो सकेगी और इससे उन्हें आर्थिकी नुकसान झेलना होगा। किसानों को हर सुविधा देने का दम भरने वाले सरकार, प्रशासन व विभाग को एक ही बारिश बेदम कर दिया। जिले की 13 मंडियों में से 10 मंडियां बिना शेड के ही हैं, इनकी दुर्दशा पर किसी ने आज ध्यान देने की जरूरत महसूस नहीं की है।

कीचड़ से भरी मंडी

संवाद सहयोगी, बमियाल : सरहदी क्षेत्र नरोट जैमल सिंह एवं बमियाल की अनाज मंडियों में धान की फसल की सैकड़ों बोरियां बारिश में भीग गई। बारिश से बड़ी तादाद में जमा फसल को उठाने का समय नहीं मिला तो उनके रखने का भी उचित स्थान नहीं था। नरोट जैमल सिंह की अनाज मंडी में फसल के ढेर कच्ची जगहों पर लगाए गए हैं। शुक्रवार को दिनभर पानी को निकालने के साथ ही बोरियों को जांचने में मजदूर एवं किसान जुटे रहे। कड़े पसीने के बाद तैयार फसल को खराब होते देख किसानों के चेहरे पर चिता और निराशा साफ देखी जा रही है। मंडियों में अभी लिफ्टिंग का काम काफी होना बाकी है।

मोटर से निकाला जा रहा पानी

संवाद सहयोगी, सरना : दाना मंडी सरना में पड़ी किसानों- आढतियों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। मंडी कच्ची, क्रेट न मिलने के साथ ही फसल खुले आसमान तले पड़ी है। क्षेत्र के करीब 70 गांवों के किसानों की फसल मंडी में रखी गई है। मंडी में लिफ्टिंग की रफ्तार धीरे होने के चलते अभी भी करीब 40 फीसद फसल मंडियों में पड़ी हुई है। बारिश होने के बाद मंडी में पानी पूरी तरह से भरा हुआ है, जिसको निकालने के लिए आढ़ती हरदेव महल को मोटर लगाकर इसे बाहर निकालना पड़ा

घोह, नौरंगपुर, नंगलभूर में भी भीगा धान

जागरण टीम, शाहपुरकंडी/नंगलभूर/ घरोटा : मंडी घोह, नौरंगपुर, नंगलभूर में भी रहे। यहां पर धान की फसल बारिश में खराब हो गई। ये मंडियां भी खुले आसमान तले चल रही हैं। बारिश का सारा पानी फसल में घुस गया। घोह मंडी में अभी तक 70 फीसद लिफ्टिंग का काम हो सका है। अब बारिश के बाद सारी व्यवस्था अस्त व्यस्त हो गई है। ऐसे में किसानों के लिए फसल को सूखाने के साथ ही इसे बेचने के लिए मुश्किल होगी।

हमारी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया : हरदेव

दाना मंडी सरना के आढ़ती महाल ट्रेडिग कंपनी के मालिक हरदेव सिंह माल ने बताया कि मंडी को पक्का करवाने की मांग आढती एसोसिएशन की तरफ से उठाई जा रही है, लेकिन हर बार उन्हें झूठे दिलासे ही दिए जाते हैं। बारिश से अधिक सरकार व प्रशासन की अनदेखी से किसानों को आघात लगा है।

हमारी मेहनत पर पानी : मुल्ख

किसान मुल्ख राज ने कहा है कि बारिश से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। यह हर साल की समस्या है, सरकार हर बार झूठे वायदे करती है मंडियों में हर सुविधाएं होंगी लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता।

किसान झेलते हैं नुकसान : मनजीत

किसान मनजीत सिंह ने कहा है कि बारिश हो या मंडी की असुविधाएं, किसानों को ही इसका नुकसान झेलना पड़ता है। कड़े परिश्रम से फसत तैयार करने के बाद इसकी दुर्दश से मन खट्टा हो जाता है।

कोट्स

प्रबंध किए गए थे, मगर शेड न होने से समस्या आई है। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है।

रजनीश कुमार, इंस्पेक्टर मंडी बोर्ड

Posted By: Jagran

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