जेएनएन, पठानकोट। Suresh Raina's Relatives Case: क्रिकेटर सुरेश रैना के फूफा ठेकेदार अशोक कुमार की हत्या और लूटपाट की वारदात को अंजाम देने से पहले संजू उर्फ छज्जू ने इलाके को अच्छी तरह देखा था। उसने गुब्बारे और बच्चों के खेलने के लिए खिलौने लेकर रेकी की थी। इस दौरान छज्जू ने वारदात में प्रयोग की जाने वाली लकड़ी की सीढ़ी को उठाने से लेकर वारदात के बाद भागने के रास्तों तक का मुआयना किया था, ताकि वारदात के बाद भागने में कोई परेशानी न आए।

बताया जा रहा है कि छज्जू पठानकोट में ही रेलवे स्टेशन के समीप झुग्गी झोपड़ियों में रहता था। वारदात को अंजाम देने के बाद वह अन्य आरोपितों के साथ राजस्थान भाग गया था। छज्जू तथा अन्य आरोपितों को काबू करने के लिए पिछले कई दिनों से राजस्थान व हरियाणा में रेड कर रही है। पुलिस के हाथ अभी तक कुछ खास नहीं लगा।

खानाबदोश होने के कारण पुलिस को छका रहे आरोपित

गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर जिला पुलिस की टीमें पांच दिन पहले छापेमारी के लिए राजस्थान रवाना हुई थीं। पुलिस को राजस्थान जाकर सूचना मिली थी कि आरोपित राजस्थान से हरियाणा की ओर निकल गए हैं। दो दिन में हरियाणा से जब कुछ न मिला तो पुलिस टीमें दोबारा राजस्थान चली गईं।

रैना की बुआ ने खोली आंखें, हालत में सुधार

बता दें कि 19 अगस्त को पठानकोट के थरियाल गांव में लूट और हमले की वारदात में रैना के फूफा अशोक कुमार और फुफेरे कौशल की मौत हो गई थी। उनकी बुआ आशा रानी निजी अस्पताल में भर्ती हैं। उपचाराधीन ठेकेदार अशोक कुमार की पत्नी आशा देवी की हालत में सुधार देखने को मिला है। डीप कोमा में चल रही रैना की बुआ आशा देवी ने रविवार को आंखें खोली। बात करने पर उसे समझने का प्रयास किया। सिबंल चौक स्थित राज अस्पताल के डॉक्टर अनिल गर्ग ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि उनकी हालत में काफी दिनों के बाद इतना सुधार देखने को मिला है। 

 

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