जेएनएन, पठानकोट। भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री मास्टर मोहनलाल ने अकाली दल से भाजपा के अलग होने की बात को फिर दोहराया है। उन्होंने कहा कि वे अपनी बात पर आज भी कायम हैं। वे भाजपा को यह सलाह बुजुर्ग होने के नाते नहीं, बल्कि सालों के राजनीतिक अनुभव से दे रहे हैं। अकाली-भाजपा गठबंधन से पंजाब में पार्टी कभी ऊपर नहीं उठ पाएगी। आखिर भाजपा कब तक अकाली दल की पिछलग्गू बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र में सरकार अपनी है। कई राज्यों में पार्टी का दबदबा है, लेकिन पंजाब में भाजपा और वर्कर अपने डर के कारण दब गए हैं।

मास्टर मोहन लाल ने कहा कि उनके पास पार्टी का कोई पद नहीं है। संगठन में भी जगह नहीं है, लेकिन उनसे पार्टी की सूबे में ऐसी स्थिति देखी नहीं जाती। कोई सुने या नहीं, वे हर मंच पर भाजपा को अलग से चुनाव लड़ने की सलाह देंगे। राष्ट्रीय संगठन की चुप्पी से किसी का भला नहीं होने वाला है। हकीकत यह है कि अकाली दल बिखरता जा रहा है, भाजपा भी इसमें अपना सब कुछ गंवा देगी।

शिअद से अलग होने की बात हाईकमान तक पहुंचाएं नए भाजपा अध्यक्ष

पूर्व मंत्री ने कहा कि भाजपा के नए प्रदेश प्रधान को वर्करों की आवाज समझनी होगी। अश्विनी के पास संगठन की अच्छी समझ है। वे भाजपा का अलग वजूद बनाने में सक्षम हैं। अकाली दल से अगल होने की बात उन्हें हाईकमान तक पहुंचानी चाहिए।

बता दें, इससे पूर्व जालंधर में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा के चुने जाने पर किए गए समारोह में तीन वरिष्ठ नेताओं ने भी इसी लाइन पर चर्चा शुरू की थी। दरअसल, जिस तरह से शिअद में इन दिनों हलचल मची हुई है और पार्टी में नए समीकरण बन रहे हैं, ऐसे में भाजपा नेताओं को लग रहा है कि शिअद में हो रही टूट का असर उनके चुनाव पर भी पड़ेगा।

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

 

Posted By: Kamlesh Bhatt

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!