-मैनहोल के टूटे ढक्कनों के लिए निगम के पास न कोई ठोस नीति न ही रूटीन चे¨कग

पंकज राय, पठानकोट

शहर में टूटे मैनहोल के ढक्कनों की समस्या लोगों के लिए सिरदर्द बन चुकी है। दूसरी तरफ नगर निगम के पास फिलहाल कोई ठोस नीति इस समस्या के हल के लिए नहीं है। निगम के पास न तो टूटे ढक्कनों की रूटीन चे¨कग के लिए कोई टीम गठित की गई है और न ही किसी और माध्यम से टूटे ढक्कनों को ढूंढा जा रहा है। हालांकि निगम का दावा है कि पिछले करीब 8 महीने में शहर भर में करीब 300 से ज्यादा मैनहोल के ढक्कन बदले जा चुके हैं लेकिन यह ढक्कन या तो लोगों की शिकायत मिलने पर बदले गए हैं या फिर पार्षदों द्वारा मिली शिकायतों के बाद। यही कारण है कि शहर भर में 300 से ज्यादा ढक्कन बदलने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

शहर में मैनहोल के ढक्कनों की जर्जरता इस कदर बढ़ गई है कि करीब हर मोहल्ले में कोई न कोई ऐसा मैनहोल का ढक्कन मिल ही जाता है जिसका या तो ढक्कन बुरी तरह से टूटने के कारण मैनहोल खुला हुआ है या फिर धंस जाने के कारण मैनहोल का ढक्कन गड्ढे का रूप धारण कर चुका है। तंग गलियों में ढक्कनों की ऐसी हालत के कारण वाहन चालकों को हादसों का सामना करना पड़ रहा है।

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कई लोग हो चुके घायल

गली-मोहल्लों इन टूटे-फूटे ढक्कनों के कारण वाहन चालकों के गिरने के कई मामले सामने आ चुके हैं। लगभग हर मोहल्ले-वार्ड में यह समस्या बनी हुई है। शहर के प्रीत नगर, लमीनी, घरथौली मोहल्ला, भदरोया समेत कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर यह समस्या बनी हुई है। कहीं ढक्कन पूरी तरह से टूट चुके हैं तो कहीं ढक्कन ही गायब हो चुके हैं। नगर निगम के पास कोई ऐसी टीम नहीं है जो रूटीन चे¨कग करके ऐसे ढक्कनों को ढूंढे और उन्हें ठीक करवाए। अगर लोग शिकायत नहीं करते हैं तो नगर निगम भी हाथ पर हाथ धरा बैठा रहेगा क्योंकि निगम की कार्यप्रणाली में ऐसा कोई नियम ही नहीं है कि बिना शिकायत के समस्या को खुद ढूंढ कर ठीक किया जाए।

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लोग बोले, शिकायतों पर निर्भर न रहे निगम

शहरवासी अजय, दीपक, संतोष, विनय, अमित, विजय, द¨वदर, सौरभ आदि ने कहा कि जरूरी नहीं है कि लोगों की शिकायत पर ही निगम कोई काम करे। निगम को चाहिए कि वह अपने स्तर पर रूटीन चे¨कग करवाता रहे ताकि शिकायत का इंतजार करने की बजाए समस्या को शुरूआती दौर में ही ढूंढ कर हल कर दिया जाए।

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तुरंत बदले जाते हैं ढक्कन - एक्सईएन

नगर निगम के एक्सईएन सतीश सैनी ने कहा कि मैनहोल के ढक्कनों की समस्या को लेकर नगर निगम गंभीर है। रूटीन चे¨कग के लिए कोई टीम तो निगम ने विशेष तौर पर नहीं बनाई है लेकिन कहीं भी नगर निगम को टूटे ढक्कन मिलने पर तुरंत ढक्कन बदल दिए जाते हैं। पिछले कुछ महीनों में सैंकड़ों ढक्कन बदले गए हैं।

Posted By: Jagran