संवाद सहयोगी, तारागढ़ : पंजाब की भूमि शहीदों की भूमि है। ऐसे ही एक शहीद गांव नारायणपुर के लेफ्टिनेंट गुरदीप सलारिया भी हैं। जिन्होंने 23 वर्ष की उम्र में शहादत का जाम पिया था। शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र विक्की ने बताया कि लेफ्टिनेंट गुरदीप सलारिया का जन्म 28 फरवरी 1973 को पिता कर्नल सागर सिंह सलारिया व माता तृप्ता सलारिया के घर हुआ।

10 जनवरी 1996 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा सेक्टर में ड्यटी के दौरान आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान वे शहीद हो गए थे। इस मुठभेड़ में तीन आतंकी ढेर हुए थे। लेफ्टिनेंट गुरदीप सलारिया की इस बहादुरी के लिए उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र दिया गया था।

कुंवर विक्की ने बताया कि इस जांबाज सैनिक की शहादत को नमन करने के लिए 10 जनवरी को तारागढ़ में इनके नाम पर बने सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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