जागरण संवाददाता, पठानकोट : धार के करोली-फंगतोली रुट पर बस सेवा बंद किए जाने के विरोध में वीरवार को क्षेत्रवासियों ने रोडवेज कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और बस सेवा शुरू करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि रोडवेज उन्हें रुट परमिट न होने की बात कह रहा है, लेकिन इतने वर्षों तक बस कैसे चलती रही। लाकडाउन में मिली छूट के बाद भी बस सेवा निरंतर जारी थी। तब ऐसी तो कोई बात नहीं बताई गई। जानबूझ कर उन लोगों को तंग किया जा रहा है। समाजसेवी मुकेश शर्मा के नेतृत्व प्रदर्शनकारी करीब डेढ़ घंटा तक मुख्य गेट के सामने बैठे रहे। मुकेश शर्मा, कैलाशो देवी, अशोक शर्मा, रेनु देवी, कमलेश कुमारी, रितू, सरोज बाला, देव राज, कामिनी, पंकज ठाकुर, किरण बाला, प्रवेशिका व प्रियंका ने कहा कि 1998 में तत्कालीन राज्य मंत्री सत्य पाल सैनी के प्रयासों से उनके गांवों को जिला हेडक्वार्टर से जोड़ने के लिए बस सेवा शुरू की थी। करीब चार वर्ष बाद इसे बंद कर दिया, लेकिन पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने पेंडू बस सेवा के तहत मिनी बस चलाकर लोगों को राहत पहुंचाई। बस चलने के कारण गांव करोली उपरली, करोली निचली, फंगतोली निचली, फंगतौली उपरली, सिउटी, रेड़वा, मामून के लोग सीधे जिला हेडक्वार्टर से जुड़ गए थे। लेकिन, अब बस सेवा बंद होने के बाद उनका दोबारा लिक टूट गया है। ऐसे में लोगों के लिए परेशानियां पैदा हो गई। इसी रोष में वह जीएम कार्यालय का घेराव करने के लिए मजबूर हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पंद्रह दिनों के भीतर बस सेवा को बहाल न किया तो वह हाइवे जाम करेंगे। उधर, स्टेशन सुपरवाइजर सरदार हरभजन सिंह ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि बिना परमिट बस को नहीं चलाया जा सकता। हायर अथारिटी को भेज कर परमिट की मांग करेंगे। आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए व धरना समाप्त किया।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021