विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिव्‍यांग बेटे का कष्‍ट मां से देखा न गया, उठाया दिल दहला देने वाला कदम

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Tue, 25 Jul 2017 03:29 PM (IST)Updated: Wed, 26 Jul 2017 09:00 AM (IST)

पठानकोट के मामून कैंट में एक सैन्‍यकर्मी की पत्‍नी ने अपने नौ साल के दिव्‍यांग बेटे की गला घोंटकर हत्‍या ...और पढ़ें

दिव्‍यांग बेटे का कष्‍ट मां से देखा न गया, उठाया दिल दहला देने वाला कदम
दिव्‍यांग बेटे का कष्‍ट मां से देखा न गया, उठाया दिल दहला देने वाला कदम

जेएनएन, पठानकोट। मां से मान‍सिक रूप से दिव्‍यांग बेटे का कष्‍ट देखा न गया और उसने दिल दहला देने वाला कदम उठाया। यहां सेना की मामून कैंट में आर्मी र्क्‍वाटर में एक सैन्‍य कर्मी अपने एक सहकर्मी की सेवानिवृति की पार्टी गया था। इसी दौरान उसकी पत्‍नी ने अपने नौ साल के दिव्‍यांग बेटे की गला घोंटकर हत्‍या कर दी और फिर खुद फंदे पर झूल गई।

बेटे को गला घोंटकर कर मार डाला और फिर कर ली खुदकुशी

यहां मामून कैंट के 412 इंजीनियरिंग यूनिट में तैनात हवलदार विनोद कुमार का इस घटना के बाद बुरा हाल है। पुलिस को दिए बयान में विनोद कुमार ने बताया कि उसकी 32 वर्षीय पत्नी रागी ने अपने नौ वर्षीय दिव्यांग बेटे विशाख को गला घोंटकर मार दिया। इसके बाद वह खुद पंखे से फंदा लगाकर लटक गई। मामून थाना पुलिस ने  मामला दर्ज लिया है और मामले की जांच कर रही है।

यह भी पढ़ें: देर से आने पर टोका तो म‍हिला शिक्षक ने प्रिंसिपल व दो टीचरों की कर दी पिटाई

मामले की जांच कर रहे पुलिस थाना मामून के एएसआई अश्वनी कुमार के अनुसार, विनोद कुमार ने बयान में बताया है कि उनका बड़ा बेटा बिशाख दिव्‍यांग था और उसकी पत्‍नी बेटे की हालत से बेहद परेशान रहती थी। वह बेटे की तकलीफ देख नहीं पा रही थी। 

घटना के बाद जांच करते पुलिसकर्मी।

विनोद कुमार के अनुसार, बीती रात वह अपनी यूनिट के एक सैनिक के सेवानिवृति पर आयोजित विदाई पार्टी में गया था। देर रात करीब डेढ़ बजे रागी ने पहले बेटे का गला घोंटकर मार डाला। इसके बाद वह दूसरे कमरे में गई और कमरा बंद  लिया। उसने अपनी चुनरी को पंखे से बांधा आैर गले में फंदा लगाकर लटक गई। उसका दूसरा डेढ़ वर्षीय बच्चा इसलिए बच गया क्योंकि वह आर्मी के क्वार्टरों के साथ लगते पड़ोसी के घर में था।

यह भी पढ़ें: बच्ची के गर्भपात को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पीजीआई से मांगी रिपोर्ट, मामा करता था दुष्‍कर्म

पड़ोसियों को इसकी जानकारी मिली तो वे दोनों को अार्मी अस्‍पताल में ले गए। विनोद कुमार को घटना की जानकारी मिली तो वह तुरंत आर्मी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां देखा कि पत्नी और बेटे की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने विनोद कुमार के  बयान के आधार पर धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर कारवाई शुरू की।

यह भी पढ़ें: नवाज शरीफ के दादा की दरगाह की फाड़ी चादर, पाक का झंडा फूंका