संवाद सहयोगी, पठानकोट : 80 करोड़ रुपये के एनपीए होने के बाद आरबीआइ की ओर से हिदू बैंक को सर्कुलर जारी कर रुपये निकालने पर रोक लगाने के बाद 90 हजार से अधिक खाताधारकों तथा 15 हजार शेयर होल्डरों की समस्याओं का समाधान आठ माह बाद भी नहीं हो पाया है। हिदू बैंक प्रबंधन ने चौथी बार डिफाल्टरों की प्रॉपर्टी सेल करने की योजना बनाई है। बैंक प्रबंधन 28 नवंबर से 30 नवंबर तक 16 करोड़ रुपये से अधिक राशि की प्रॉपर्टियां नीलाम करेगा। डिफाल्टरों की ये वे प्रापर्टियां हैं, जिन्हें गिरवी रख उनकी ओर से बैंक से लोन लिया गया था और बाद में ऋण ली गई राशि को अदा नहीं किया गया था। सीईओ अमन मेहता ने नोटिफिकेशन जारी होते ही खरीददारों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। गत माह हुई नीलामी में से मात्र दीनानगर के एक डिफाल्टर की प्रॉपर्टियां ही सेल हो पाई थी। बैंक को बचाने के लिए प्रबंधन की ओर से डिफाल्टरों की तीन लिस्टें जारी कर 49 डिफाल्टरों को नोटिस जारी किए थे। वहीं डिफाल्टरों से चार को काबू कर जेल भेजा जा चुका है। कुछ डिफाल्टरों ने बैंक की कार्रवाई के बाद पैसा जमा करवा दिया था, जिसके बाद 27 के करीब डिफाल्टर एनपीए से बाहर निकल आए और अब उनकी किश्तें लगातार चल रही हैं। ऐसे डिफाल्टर भी हैं, जो जेल जाने के भय के कारण कोर्ट का आश्रय ले चुके हैं।

प्रॉपर्टियों की कीमत कम, इस बार भी खरीदार आने की संभावना नहीं : एसएस बावा

हिदू बैंक शेयर होल्डर एसोसिएशन के प्रधान एसएस बावा ने कहा कि बैंक प्रबंधन की ओर से एक बार फिर नीलामी रखी गई है, परंतु इस बार भी इन प्रॉपर्टियों के खरीदार आने की उन्हें संभावना नहीं दिख रही है। इसका सबसे बड़ा कारण प्रापर्टियों की कीमत बहुत ज्यादा होना है। जब तक इन प्रापर्टियों की कीमत को कम नहीं किया जाता, तब तक इनके सेल होने की संभावना नही लगती। अपनी बात रखने के लिए आगामी माह आरबीआइ के पदाधिकारियों से चंडीगढ़ मिलने के लिए जा रहे हैं, जिसमें पठानकोट व्यापार मंडल के पदाधिकारी तथा खाताधारकों एक शिष्टमंडल जाएंगे। शिष्टमंडल की ओर से पदाधिकारियों के उस बयान को याद करवाया जाएगा जिसमें उनकी ओर से बैंक की रिकवरी 20 करोड़ रुपये होने के बाद खाताधारकों को राहत देने की बात कही गई थी। बैंक अब 40 करोड़ रुपये के करीब रिकवरी कर रहा है, परंतु एक लाख से अधिक खाताधारकों को अभी भी अपनी ही जमापूंजी के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं।

कोट्स

बैंक प्रबंधन की ओर से 26 मुलाजिमों को डेपुटेशन पर भेजने की फाइल तैयार कर कोऑपरेटिव सोसायटी चंढीगढ़ कार्यालय भेजी जा चुकी है। इन कर्मचारियों के डेपुटेशन पर जाने के बाद बैंक पर इनके वेतन का भार कम हो जाएगा। अधिकारियों की ड्यूटियां करतारपुर कॉरिडोर प्रबंधन में लगे होने के कारण ये प्रक्रिया अटकी हुई है। इनके फ्री होते ही इस पर आगामी काम पूरा कर लिया जाएगा।

पीएस बल, ज्वाइंट रजिस्ट्रार

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!