राज चौधरी, पठानकोट

राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कंपल्सरी एजुकेशन नियम-2009 एक्ट की पालना के लिए जिला पठानकोट के पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक के समस्त 240 प्राइवेट स्कूलों को मान्यता लेने के लिए आदेश जारी कर दिये हैं। साल 2020-21 की मान्यता के लिए जारी हुए इन आदेशों में साफ तौर पर चेताया गया है कि यदि आगामी दिनों में किसी स्कूल ने इस प्रक्रिया को पूरा करने में कोताही बरती तथा सैशन के खत्म होने तक प्रक्रिया पूरा कर फाइलें जमा नहीं करवाई तो विभागीय कार्यवाई करते हुए स्कूलों पर सख्त कदम उठाते हुए उन्हें जुर्माना तथा बंद किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि प्रत्येक प्राइवेट स्कूल को बिल्डिग सेफ्टी, फायर सेफ्टी के साथ- साथ अन्य करीब चालीस तरह की प्रक्रियाओं को पूरा करना प्रत्येक स्कूल के लिए अनिवार्य होता है। इस प्रक्रिया में सरकारी तथा एडिड स्कूलों को बाहर रखा गया है।

163 से अधिक स्कूलों पर हुई थी विभागीय कार्रवाई

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विगत वर्ष जिले के 163 स्कूलों ने साल 2019-20 की मान्यता लेने के लिए सैशन खत्म होने से पहले शिक्षा विभाग के पास अप्लाई नहीं किया था। इस कारण विभाग की ओर से 163 स्कूलों को नोटिस जारी करते हुए उन पर विभागीय कार्रवाई की गई थी। इन स्कूलों की ओर से बिल्डिग सेफ्टी तथा फायर सर्टिफकेट तक फाइल में नहीं लगाए गए थे, जिस कारण इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी हुए। नोटिस जारी होने के बाद हजारों की तादाद में विद्यार्थियों की शिक्षा पर खतरा मंडराना शुरू हो गया था। हालांकि बाद में कोविड-19 के कारण इन्हें बंद करने की कार्रवाई से पहले ही जुर्माना देकर अपनी मान्यता को रिन्यू किये जाने में राहत मिल गई थी। आधा दर्जन से अधिक स्कूलों ने तो खुद ही स्कूलों को ताले लगा दिए थे। सात ब्लाकों में चल रहे हैं 240 स्कूल निजी स्कूल

शिक्षा विभाग पठानकोट की ओर से बनाए गए ब्लाक पठानकोट-1, पठानकोट-2, पठानकोट-3,धार ब्लाक-1, धार ब्लाक-2, ब्लाक बमियाल तथा ब्लाक नरोट जैमल सिंह में पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक कुल 240 स्कूल हैं जो बिना मान्यता के चल रहे हैं। इन समस्त स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 50 हजार से अधिक हैं। शिक्षा विभाग की ओर स

सेशन खत्म होने से पहले उठाए गए इस कदम के बाद हडकंप मच गया है तथा वह विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए प्रक्रिया को पूरा करने में जुट गए हैं। कुछेक स्कूलों ने तो एडवांस में सारी प्रक्रिया को पूरा कर लिया था तथा आदेश जारी होते ही फाइलें जमा करवा दी हैं।

मान्यता न लेने पर एक लाख लगाया जा सकता है जुर्माना

जानकारी के अनुसार जिन स्कूलों की ओर से शिक्षा विभाग के आदेशों की पालना नहीं की जाएगी, उन्हें एक लाख रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। इस जुर्माने से बचाव से पहले ही कुछेक स्कूलों ने तो एडवांस में सारी प्रक्रिया को पूरा कर लिया था तथा आदेश जारी होते ही फाइलें जमा करवा दी हैं।

फाइलें जवा करवा रहे हैं स्कूल प्रबंधन

डीईओ बलदेव राज ने कहा कि आदेश जारी होने के बाद जिन लोगों की ओर से एडवांस में मान्यता के लिए सारी प्रक्रिया को पूरा किया गया था,उन्होंने आवेदन करना शुरू कर दिया है। इनकी फाइलें जांची जा रही है। जिनकी ओर से सारा कार्य पूर्ण होगा, उन्हें मान्यता दे दी जाएगी।

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