संवाद सहयोगी, जुगियाल : कोरोना के कारण पिछले दो साल से बड़े कार्यक्रमों के आयोजन नहीं हो रहे थे। हालांकि इस बार स्थिति थोड़ी राहत भरी है। इसलिए जहां रामलीला की रिहर्सलों का दौर जारी है, वहीं दशहरा पर्व को लेकर कारीगर भी रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले बनाने शुरू कर दिए हैं। जिले के ज्यादातर इलाकों में छह अक्टूबर से रामलीला का मंचन शुरू होगा। गौरतलब है कि जिले में लगभग में 450 जगहों पर रामलीला का मंचन किया जाता है, वहीं करीब 70 जगहों पर रावण दहन होता है। इन कार्यक्रमों में लाखों रुपये की लागत आती है।

पुतले बनाने के लिए कारीगर दिल्ली और कोलकाता से आते हैं। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर शाहपुर कंडी टाउनशिप की श्री सनातन धर्म सभा शाहपुरकंडी टाउनशिप द्वारा 15 अक्टूबर दिन शुक्रवार को दशहरा ग्राउंड शाहपुरकांडी टाउनशिप में बड़ी धूमधाम से दशहरा पर्व मनाया जा रहा है।

तैयारियों का जायजा लेते हुए महासचिव कमल सुरजीत सिंह ने बताया कि सभा द्वारा कारीगर लगाकर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के 40 फीट ऊंचे पुतले बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 15 अक्टूबर दशहरे वाले दिन दोपहर तीन बजे श्री सनातन धर्म सभा शाहपुरकंडी द्वारा निर्मल भगवान श्री राम और रावण की सेना शोभायात्रा के लिए निकलेगी, जिनका सामना दशहरा ग्राउंड में युद्ध स्थल पर होगा। भगवान राम और रावण के बीच भीषण युद्ध के बाद रावण कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों को सायं 5:30 बजे पर दहन किया जाएगा। मंदिर परिसर में दुर्गा स्तुति पाठ सात अक्टूबर को

उन्होंने बताया कि सभा द्वारा सात अक्टूबर को नवरात्र के उपलक्ष्य में मात्री मंडल द्वारा मंदिर परिसर में दुर्गा स्तुति का पाठ रखा जाएगा, जिसका भोग 13 अक्टूबर अष्टमी वाले दिन सुबह 4:00 बजे पड़ेगा। इस मौके पर उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों से अपील की है की दुर्गा पूजा में शामिल होकर भगवान श्री का आशीर्वाद ग्रहण करें।

इस मौके पर सभा के कोषाध्यक्ष महावीर शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज कुमार शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक शर्मा, पवन बाबा, सोहन सिंह, सोमराज, ओम प्रकाश, हरमेश राणा, सुरेंद्र कोहली के अलावा अन्य सदस्य मौजूद थे।

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