संवाद सहयोगी, घरोटा: पंजाब सीमा से सटे हिमाचल प्रदेश के टापूनुमा गांवो के लिए एमबी लिक पर मोहटली खरड-माजरा पत्तन पर पुल न होने के चलते गांवों के लोगों को तीन किलोमीटर के बजाय सफर 35 किलोमीटर सफर करना पड़ता है। क्षेत्र के लोग कई दशकों से पक्के पुल के निर्माण की गुहार लगाते आ रहे है। अभी तक किसी नेता ने पुलिस बनाने के आश्वासन को अमलीजामा नहीं पहनाया है। बरसात के दिनों में लोग जान हथेली पर रखकर दरिया को पार करते हैं। वही दो दशकों के दौरान उक्त दरिया दर्जनों लोगों को लील चुका है।

इस संबध में किसान नेता सुखजिद्र सिंह, अमरीक सिंह, सुरजीत सिंह, नत्था राम, राजेश कुमार, जोगिंदर पाल, काला, सुरेश कुमार, बोध कुमार, गरीब दास, पीरी राम, अवतार, राजविद्र, सेठी, राणा, बोन सिंह ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के गांव मोहटली खरड व माजरा टापूनुमा क्षेत्र हैं। दो दरियाओं से घिरा यह गांव हिमाचल से कटे हुए है। उक्त इलाके के लोग पंचायती कार्यों व अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए जाने हेतु घरोटा क्षेत्र के नौशहरा, धीरा, पठानकोट व डमटाल इत्यादि से हो कर मजबूरन 35 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करने को मजबूर हैं। इस पर अस्थाई पुल के निर्माण के उपरांत हिमाचल के मोहटली, डमटाल, माजरा, छन्नीबेली, कंदरोडी इत्यादि जाने के लिए लोग इस मार्ग का अधिक प्रयोग करते हैं। वहीं हिमाचल के लोग घरोटा, दीनानगर, सरना इत्यादि स्थानों से हो कर गुजर रहे हैं। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि जल्द ही लोगों को पेश आ रही समस्या को ध्यान देते उक्त पत्तन पर पक्के पुल का निर्माण करवाया जाए, ताकि लोगों को पेश आ रही समस्या का समाधान हो सके। दो राज्यों को मिलाते एमबी लिक पर बने पुल : सुखजिद्र

किसान नेता सुखजिद्र सिंह ने कहा कि एमबी लिक के इस पत्तन पर पुल निर्माण की लंबे समय से मांग चली आ रही है। इस मांग को पूरा करके दो राज्यों के लोगों को पेश आती समस्या का हल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एमबी लिंक दो राज्यों को मिलाता है। अतिरिक्त मार्गों से जाने को विवश हैं लोग: अतुल

अतुल लक्की शर्मा ने कहा कि पुल न होने के चलते लोग मजबूरन घरोटा के नौशहरा, धीरा और पठानकोट से गुजर कर रवाना हो रहे हैं। इससे समय की बर्बादी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। तेज पानी की चपेट में आ चुके हैं अनेकों लोग: ठाकुर प्रवीण

पूर्व जिला परिषद सदस्य प्रवीण सिंह ने कहा कि अनेकों लोग पानी के तेज बहाव के चलते दरिया की चपेट में आ चुके हैं। उन्होंने सिचाई विभाग और हिमाचल सरकार से मांग की कि प्राथमिकता के आधार पर पुल निर्माण करके लोगों और मंडीकरण की समस्या का हल किया जाए। कई बार हुए वादे, लेकिन पूरा किसी ने नहीं किया: नत्था राम

नत्था राम ने कहा कि समय-समय पर कई नेता इस पत्तन पर पुल का निर्माण करने का वादा कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई इस वादे को पूरा नहीं कर पाया है। यहां पुल न होने के कारण लोगों को मिल्ट्री अस्पताल इत्यादि अन्य स्थानों में जाने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

Edited By: Jagran