जेएनएन, माधोपुर (पठानकोट)। क्रिकेटर सुरेश रैना की गांव थरियाल में रहने वाली बुआ के परिवार पर हुए हमले में उनके फूफा अशोक कुमार व फुफेरे भाई कौशल कुमार (32) की मौत हो चुकी है, जबकि बुआ आशा देवी की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। हमला 19 अगस्त को हुआ था। मामलेे में पुलिस नेे जांच तेज कर दी है। वहीं, परिवार को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने हाथ बढ़ाया है। गांव वालों ने परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद दी है। 

हमले में घायल सुरेश रैना की बुआ आशा देवी इस समय निजी अस्पताल में कोमा में है, जबकि रैना के फूफा अशोक कुमार की हमले में मौत हो गई थी। बड़े बेटे कौशल ने भी इसी हफ्ते अस्पताल में दम तोड़ दिया था। छोटा बेटे अपिन का हमले में जबड़ा टूट गया है। वह बोलने में असमर्थ है। इलाज में खर्च ज्यादा होने के कारण परिवार के आर्थिक हालात खराब हो चुकी है। ऐसे में ग्रामीणों ने आकर परिवार की आर्थिक मदद की पहल की है। दो लाख रुपये परिवार को दिए जा चुके हैं।

उधर, कोमा में पहुंच चुकी आशा देवी की हालत में फिलहाल सुधार नहीं है। पति व एक बेटे की मौत के बाद बेटी ही आशा देवी का उपचार करवा रही है। बेटी शादीशुदा है और जुगियाल में ब्याही है।

पुलिस ने जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में तेज की जांच

रैना के फूफा के गांव थरियाल में दो दिन पहले क्राइम सीन क्रिएट कर चुकी पुलिस अब पड़ोसी राज्यों छानबीन तेज कर दी है। पठानकोट पुलिस का फोकस हिमाचल एवं जेएंडके में अधिक है। पुलिस को संदेह है कि आरोपित वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों राज्यों में जाकर छिपे हो सकते हैं। अभी तक के सर्च अभियान में पुलिस को स्थानीय स्तर की भूमिका का पुख्ता सुराग नहीं मिला। एसएसपी गुलनीत खुराना का कहना है कि जांच जारी है और पुलिस हर एंगल को खंगाल रही है।

 

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