जागरण संवाददाता, पठानकोट

केंद्र सरकार द्वारा एक फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किए जाने वाले बजट को लेकर शहर के व्यापारियों से बात की गई। जिन्होंने अपने विचार कुछ इस कदर पेश किए। पेश है बातचीत के कुछ अंश।

टैक्स के बोझ को कम किया जाए

कोविड के दौरान व्यापार को बहुत बड़ा नुक्सान हुआ है। व्यापारी अभी भी पांव पर नहीं आया है। केंद्र सरकार से व्यापारियों को बहुत ज्यादा उम्मीदें है कि वह व्यापारियों के लिए खास तौर पर पंजाब के व्यापारियों के लिए कोई विशेष पैकेज देगा ताकि व्यापार फिर से अपने पांव पर आ सके। व्यापारियों पर लग रहे रोजाना नए-नए टैक्सों के बोझ को कम किया जाए ताकि कोविड के चलते जो उन्हें नुक्सान हुआ है उससे वह उबर सके। उम्मीद है कि केंद्रीय वित्त मंत्री व्यापारियों निर्मला सीमा रमण इस बार व्यापारियों को नाराज नहीं करेंगी।

कारोबार,रवि गुप्ता पेंशन की सुविधा देनी चाहिए

केंद्र सरकार ने वन नेशन-वन टैक्स लागू करके अपनी आय में वृद्धि तो कर ली है लेकिन, व्यापारी वर्ग को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए उस पर ज्यादा जोर नहीं दिया है। व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए अभी भी कई सुधारों की जरुरत है, ताकि प्रदेश ओर देश में व्यापार दोबारा पटरी पर लौट सके। बजट में व्यापारियों पर कोई नया टैक्स नहीं होना चाहिए। इसके अलावा व्यापारियों को इंकम टैक्स में छूट देते हुए रिबेट की सीमा को भी बढ़ाना चाहिए। व्यापारियों की सुरक्षा के लिए सरकार को सरकारी कर्मियों की भांति पेंशन की सुविधा भी देनी चाहिए।

बिजनेसमैन, भारत महाजन टैक्स कम कर राहत दे सरकार

बजट में व्यापारियों पर लगने वाले टैक्सों को कम से कम किया जाए ताकि कोविड के बाद वह दोबारा अपने बिजनेस को पांव पर ला सके। कोविड में व्यापारियों ने बिजली बिल से लेकर सभी प्रकार के टैक्स दिए हैं। लेकिन, इस दौरान उन्हें लाखों रुपये का आर्थिक तौर पर नुक्सान हुआ है। राज्य की भांति केंद्र सरकार का भी फर्ज बनता है कि व्यापार हित को ध्यान में रखते हुए लगने वाले टैक्स को कम कर उन्हें राहत दे। टैक्स कम होने के बाद व्यापार दोबारा पांव पर आएगा जिससे आने वाले समय की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

कारोबार, राजेश पुरी कर में राहत दे सरकार

देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में व्यापार जगत का बहुत बड़ा योगदान होता है। व्यापारियों से प्रत्येक माह केंद्र व राज्य सरकार को अरबों रुपये की राशि आती है। लेकिन, दुख की बात यह है कि व्यापारियों का अपना भविष्य भी सुरक्षित नहीं होता। रकार को चाहिए कि टैक्सों में छूट दे ताकि कोविड में पड़ी मार से व्यापारी थोड़ा बाहर निकले सकें। सके अलावा सरकार को चाहिए कि व्यापारी ने अपने जीवन में जितने का टैक्स सरकार को दिया है उसके हिसाब से ही सरकार व्यापारी को 60 साल के बाद पेंशन दे ताकि विपरित स्थिति में उसके परिवार के लिए रोटी का संकट पैदा न हो।

बिजनेसमैन सुशील सैनी

Edited By: Jagran