जागरण संवाददाता, पठानकोट : शहर के मेन बाजार व भीड़-भाड़ इलाकों में अब बेसहारा पशु नजर नहीं आएंगे। नगर निगम द्वारा हदबंदी में आने वाले बेसहारा पशुओं को डेयरीवाल में पहुंचाने के शुरू किए गए अभियान के तहत वीरवार को पहले दिन 11 पशुओं को पकड़ कर डेयरीवाल स्थित गोशाला में पहुंचाया गया है। आने वाले दिनों में काम में तेजी लाते हुए सभी बेसहारा पशुओं को डेयरीवाल पहुंचाकर शहरवासियों को पेश आ रही परेशानियों से निगम निजात दिलाएगा।

बता दें कि करीब दो साल पहले निगम द्वारा शहर के सभी पचास वार्डो में सर्वे करवाया था, जिसमें करीब एक हजार बेसहारा पशु पाए गए। उसके बाद कोरोना आ गया और पशुओं को पकड़ने का काम अधर में लटक गया। कोरोना काल में मिली राहत के बाद निगम ने जयपुर की कंपनी को पशुओं को पकड़ने का ठेका दिया। कंपनी ने तीन महीनों तक अभियान चलाकर करीब छह सौ पशुओं को डेयरीवाल पहुंचाया। इसके बाद ठेकेदार के कर्मी अपने प्रदेश चले गए जिस कारण पशुओं को पकड़ने का काम रुक गया था। काम रुकने के कारण बेसहारा पशुओं की वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। दैनिक जागरण इस संदर्भ में समय-समय पर समाचार प्रकाशित किया, जिसके बाद निगम ने ठेकेदार पर दबाव बनाकर उससे काम फिर से शुरू करवाया है। अगले दो महीनों में खत्म हो जाएगी बेसहारा पशुओं की समस्या: डा. एनके सिंह

उधर, मेडिकल आफिसर डाक्टर एनके सिंह ने बताया कि करीब पांच महीनों से कंपनी ने पशुओं को पकड़ने का काम बंद किया था। कारण पशुओं को पकड़ने वाली लेबर घर गई हुई थी। अब उनकी लेबर आ गई है जिसके बाद वीरवार को मेयर पन्ना लाल भाटिया के नेतृत्व में पशुओं को पकड़ने को पकड़ने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि पहले दिन तूड़ी वाला चौक से लेकर एयरफोर्स गेट तक 11 पशुओं को पकड़कर डेयरीवाल स्थित गोशाला में पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि निगम की हदबंदी में करीब एक हजार बेसहारा पशुओं के होने का सर्वे करवाया गया था। इसके तहत पहले फेज में छह सौ पशुओं को डेयरीवाल पहुंचाया जा चुका है। शेष चार सौ को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया गया है। उम्मीद है कि अगले डेढ़ से दो महीनों के भीतर सभी बेसहारा पशुओं को पकड़ कर डेयरीवाल शिफ्ट कर शहरवासियों को पेश आ रही परेशानियों का समाधान करवा दिया जाएगा।

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