जागरण संवाददाता, पठानकोट : 2013 से लेकर फरवरी 2020 तक के बकाया धारकों को एकमुशत टैक्स जमा करवाने पर मिलने वाली दस फीसद छूट की समय अवधि समाप्त हो गई है। दस फीसद रिबेट पाने के लिए अंतिम दिन निगम की प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में सुबह से ही लोगों ने लाइनों में लगकर अपना बनता बकाया जमा करवाकर सुविधा का लाभ उठाया। अंतिम दिन करीब 375 धारकों ने अपना बनता टैक्स जमा करवाया। दो दिसंबर से शुरू हुई ओटीएस (वन टाइम सेटलेमेंट) के तहत कुल तीन हजार बकाया धारकों ने अपना बकाया जमा करवाया जिससे निगम के खाते में करीब 90 लाख का राजस्व आया। जिन बकाया धारकों ने बकाया जमा नहीं करवाया है उनके खिलाफ निगम की ओर से आने वाले दिनों में स्पेशल ड्राइव चलाई जाएगी। ड्राइव के तहत धारकों की प्रापर्टी को सील भी किया जा सकता है। अंतिम दिन व्यापारियों ने दिखाया उत्साह : भारत

व्यापार मंडल पठानकोट के जिला प्रभारी भारत महाजन व महासचिव राजेश पुरी ने कहा कि मंगलवार को निगम प्रशासन ने व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से मीटिग की थी। मीटिग के बाद पदाधिकारियों ने शहर के व्यापारियों से एक अच्छे शहरी होने का प्रमाण देते हुए अपना बनता प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने के लिए कहा था। रिबेट के अंतिम दिन आज शहर के कारोबारियों ने उत्साह दिखाते हुए यहां अपना टैक्स जमा करवाया। ओटीएस के तहत आते हैं 13 हजार धारक

निगम की प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के अनुसार करीब 13 हजार उपभोक्ता ओटीएस के दायरे में आते थे। उक्त धारकों पर करीब छह करोड़ की राशि स्टैंड करती है। राज्य सरकार ने उक्त धारकों को कार्रवाई से बचने के लिए 26 फरवरी तक का समय दिया था जिसमें से करीब 3 हजार ने अपना टैक्स जमा करवा दस फीसद रिबेट प्राप्त की। लेकिन, इसके बाद बकाया धारकों पर कार्रवाई निश्चित है।

ऐसे होगी कार्रवाई

अगले तीन महीनों के भीतर यदि एक बार में वह जमा करवाता है तो धारक को दस फीसद जुर्माना देना पड़ेगा। 26 मई तक भी यदि उपभोक्ता अपना बकाया जमा नहीं करवाता तो उसे 20 फीसद जुर्माना व 18 फीसद ब्याज एक साथ देना पड़ेगा। 90 लाख का राजस्व आया : इंद्रजीत सिंह

नगर निगम सुपरिंटेंडेंट इंद्रजीत सिंह ने बताया कि वर्ष 2013 से लेकर आज तक के प्रापर्टी टैक्स धारकों के पास दस फीसद रिबेट और कार्रवाई से बचने का अंतिम दिन था। अंतिम दिन सांय 4 बजे तक 375 धारकों ने अपना टैक्स जमा करवा दिया था। साइट स्लो होने के कारण अभी भी कई धारक देर शाम तक लाइन में लगे रहे। कुल धारकों से निगम के खाते में करीब 90 लाख का राजस्व आया है। जिन बकाया धारकों ने अपना बकाया जमा नहीं करवाया है उन पर कार्रवाई तय है।

Posted By: Jagran

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