जागरण संवाददाता, नवांशहर

चंडीगढ़ चौक की ट्रैफिक लाइटें कई वर्षो से बंद पड़ी हुई हैं। इसके बावजूद इन्हें ठीक करवाने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। इन लाइटों के बंद होने के कारण यहां पर ट्रैफिक कर्मचारियों द्वारा यातायात को सुचारू गुजारने का प्रयास किया जाता है। भरी गर्मी में ट्रैफिक कर्मी लोगों को हाथ के इशारे से गुजरने के लिए या रूकने के लिए कहते हैं।

शहर का यह सबसे व्यस्तम चौक है। ऐसे में ट्रैफिक लाइटों के न होने के कारण यहां पर कई बार यातायात प्रभावित होता है। इस चौक पर कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। मगर, जिला प्रशासन की ओर से इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस बारे में लोगों का कहना है कि कम से कम इस चौक की लाइटों को ठीक कराया जाए। इसके अभाव में कई बार लोग मनमर्जी से गुजरते हैं, जो हादसों का कारण भी बनता है।

हालत यह है कि ट्रैफिक लाइटों के न होने से लोग गलत रास्ते से आते हैं। राहों की ओर से आ रहा व्यक्ति यदि कुलाम मार्ग की ओर जाना चाहता है, तो वह आंबेडकर चौक से न गुजर कर सीधे ही चंडीगढ़ चौक से दाई ओर मुड़ जाता है। पुलिस की ओर से भी ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की जाती है। अगर ट्रैफिक लाइटें जल रही होती, तो लोगों को ट्रैफिक लाइटों के अनुसार ही चलना होता।

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ट्रैफिक पुलिस व नगर कौंसिल का एक-दूसरे पर आरोप

इस बारे में ट्रैफिक पुलिस से जब पूछा जाता है तो वह कहते हैं कि नगर कौंसिल की हद में यह लाइटे हैं। इसलिए कौंसलि को इन्हें ठीक करवाना हैं। वहीं नगर कौंसिल के अधिकारी वर्षो से एक ही बात कह रहे हैं कि ट्रैफिक लाइटें पुलिस की हैं। इसलिए वही इसे ठीक करवाए। इन दोनों विभागों के आरोप-प्रत्यारोप के कारण आज तक इन ट्रैफिक लाइटों को ठीक नहीं करवाया जा सका है। इन दोनों विभागों की लापरवाही का खमियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

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मामला ध्यान में नहीं : ईओ

इस बारे में नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) राम प्रकाश का कहना है कि यह मामला उनके ध्यान में नहीं है, क्योंकि उन्होंने हाल ही में ज्वाइन किया है। वह पता करवाएंगे किे लाइटों को ठीक करवाने की जिम्मेदारी किसकी है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

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संबंधित विभाग को कहा जाएगा : एसडीएम

इस बारे में एसडीएम जगदीश सिंह जौहल का कहना है कि संबंधित विभाग को कह कर बंद पड़ी ट्रैफिक लाइटों को चालू करवाया जाएगा।

Edited By: Jagran