रोहित कुमार जैन, राहों:

मानसून आते ही कई लोग बारिश के रोमांच का आनंद लेने लगते है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों पर यह बारिश आफत बनकर टूटती है। ऐसा ही हाल राहों दरिया के किनारे बसे गांवों का हो चुका है। हर साल बारिश आते ही इन गांवों के बसिंदों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आती है। मूसलाधार बारिश होने के कारण सतलुज दरिया में जब पानी छोड़ा जाता है तो इन गांवों में दरिया का पानी घुस जाता है। इस बार गांवों को पानी से बचाने के बनाएं गए अस्थाई बांध टूट गए है। जिसने गांव निवासियों की चिता को और बढ़ा दिया है।

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कुछ दिन पहले हुए मूसलाधार बारिश के कारण सतलुज दरिया के बाहरी क्षेत्रों पर बरसाती पानी की निकासी के लिए गांव रतनाणा से ताजपुर खोजां तक बनाए गए अस्थाई बांध के टूटने से गांव गढ़ी भारटी के किसानों के धान तथा हरे चारे के खेत तेज बहाव के कारण पानी में बह गए, जिसके चलते किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। गढ़ी भारटी के किसान जसवंत सिंह तथा संत राम सहित अन्य किसानों ने बताया कि उनके भाइयों अमरजीत सिंह, संतोख सिंह तथा सुरिदर पाल की सांझी जमीन गढ़ी भारटी में स्थित है। कुछ साल पहले केंद्र सरकार द्वारा उनकी जमीन पर अस्थाई बांध बनाया गया था, जिससे जमीन दो हिस्सों में बंट गई। एक हिस्सा बांध के अंदर चला गया जबकि दूसरा हिस्सा बांध के बाहर रह गया। उनकी जमीन से होकर गुजरने वाले बांध से एक पाइप की पुली बना दी गई, जिससे गांव काहलों, दरियापुर, बैरसाल, भारटा कलां, बरनाला खुर्द, लालेवाल, मिर्जापुर, तलवंडी सीबू, बजीदपुर तथा गढ़ी भारटी का पानी आता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के कारण यह अस्थाई बांध पानी के तेज बहाव में बह गया, जिसके कारण उनके खेतों में खड़ी धान की फसल तथा खेत की मिट्टी पूरी तरह बह गई। सारी फसल बर्बाद हो गई। उन्होंने कहा कि पानी के तेज बहाव में खेत की मिट्टी व फसल बहने से उनके खेतों में करीब दस फुट गहरे गड्ढे बन गए हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है और कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

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रतनाणा से ताजपुर खोजां तक के गांवों का आपसी लिक टूटा

मूसलाधार बारिश के बाद पानी के तेज बहाव में गांव रतनाना व ताजपुर के बीच बने अस्थाई बांध के बह जाने से दर्जन से अधिक गांवों का आपस में लिक टूट गया है। जिसके चलते गांव वासियों को एक से दूसरे गांव जाने के लिए दूसरे लंबे रास्ते का प्रयोग करना पड़ रहा है। इस दौरान गांव काहलों, दरियापुर, बैरसाल, भारटा कलां, बरनाला खुर्द, लालेवाल, मिर्जापुर, तलवंडी सीबू, बजीदपुर, गढ़ी भारटी के लोगों को दूसरे गांवों में जाने के लिए दूर के रास्ते से घूम कर जाना पड़ रहा है।

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किसान मुआवजे के लिए करे अप्लाई: एसडीएम

इस बारे में एसडीएम जगदीश सिंह जौहल का कहना है कि दरिया किनारे बसे गांवों में भारी बारिश के कारण आने वाले बाढ़ की आशंका के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इसके लिए कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई है। जिला प्रशासन की ओर से समय समय पर बांधों का निरीक्षण भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के खेत पानी में बह गए हैं। वे मुआवजे के लिए जिला प्रशासन के पास अप्लाई कर सकते हैं।

Edited By: Jagran