जासं, नवांशहर: किसान-मजदूरों को श्रद्धांजलि देने के लिए पहल करते हुए दिल्ली सिघू बार्डर पर जाकर कैंडल मार्च निकाला। स्वस्थ पंजाब टीम के सभी प्रमुख मेंबर बीते दिनों सिघू बार्डर पर पहुंचे हुए थे। संस्था के सरपरस्त बरजिदर सिंह हुसैनपुर ने कहा कि कृषि कानून रद्द होने के साथ जहां किसानी संघर्ष की जीत हुई है, वहां हमारे सात सौ के करीब किसान- मजदूर भाईयों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी है। किसान कानून रद्द होने के मौके पर खुशी के साथ-साथ जान गंवाने वाले किसान-मजदूर भाईयों को याद करने का भी समय है। किसान आंदोलन संबंधी एक एतिहासिक यादगार का निर्माण भी किया जाना चाहिए, जिससे आने वाली पीढि़यां इससे प्रेरणा ले सकें। जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को न सि़र्फ आर्थिक मदद दी जानी चाहिए, बल्कि उनकी एक विशेष श्रेणी बना कर उनके लिए विशेष सुविधाएं भी दी जानी चाहिए हैं। जो भी संभव हुआ, वह स्वस्थ पंजाब की तरफ से योगदान दिया जाएगा। जान गंवाने वाले किसान- मजदूरों को श्रद्धांजलि भेंट करने के लिए सिघू बार्डर पर निकाले गए मोमबत्ती मार्च में किसान जत्थेबंदियां, निहंग सिंह जत्थेबंदियां और आल इंडिया किसान मुक्ति मोर्चा के नुमाइंदों के अलावा कई लोग बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। स्वस्थ पंजाब टीम ने वहां अलग-अलग किसान नेताओं के साथ मुलाकात भी की गई। इस मौके पर सन्नी सिंह •ाफरपुर, मक्खन सिंह हंसरों, बलवीर थांदी, सर्बजीत सिंह उसमानपुर, कुलदीप सिंह रत्न, गंगवीर सिंह, रिक्की रठौर, तेली भट्टी आदि भी उपस्थित थे।

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